Garhwa: झारखंड के गढ़वा जिले में 40 वर्षीय प्रदीप लकड़ा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। रमकंडा थाना क्षेत्र के बैरिया गांव में शनिवार को नवनिर्मित पैक्स भवन के गोदाम के शौचालय की टंकी के गड्ढे से उनका शव बरामद किया गया। मृतक की मां ने आरोप लगाया है कि प्रदीप को ₹250 देने का लालच देकर अवैध बालू ढुलाई की निगरानी के लिए घर से बुलाया गया था। हालांकि, उनकी मौत कैसे हुई और शव वहां तक कैसे पहुंचा, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है।
शुक्रवार रात घर से निकले थे प्रदीप
मृतक की पहचान भंडरिया प्रखंड मुख्यालय निवासी याकूब लकड़ा के 40 वर्षीय पुत्र प्रदीप लकड़ा के रूप में हुई है। उनकी मां पूनम लकड़ा के अनुसार, शुक्रवार रात भंडरिया के कुछ लोग प्रदीप को लगातार फोन कर बुला रहे थे। आरोप है कि उन्हें ₹250 देने की बात कहकर बालू ढुलाई के काम की निगरानी के लिए ले जाया गया। देर रात तक प्रदीप घर नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। फोन करने वाले लोगों के घर जाकर भी जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसी बीच शनिवार को बैरिया गांव में शव मिलने की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई। तस्वीर देखकर परिजनों ने प्रदीप की पहचान की और घटनास्थल पर पहुंचे। पति का शव देखकर उनकी पत्नी रेशमी मिंज का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
शव के साथ सड़क पर उतरे परिजन, चार घंटे तक जाम रहा चौक
प्रदीप की मौत से नाराज परिजनों ने अंत्यपरीक्षण के बाद शव के साथ भंडरिया के इंदिरा गांधी चौक पर प्रदर्शन किया। शनिवार रात करीब आठ बजे शुरू हुआ सड़क जाम लगभग चार घंटे तक चला। परिजन मामले में उचित कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे थे। देर रात करीब एक बजे कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद जाम समाप्त कराया गया। इस दौरान सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा।
अवैध बालू कारोबार पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद रमकंडा और भंडरिया क्षेत्र में कनहर नदी से कथित अवैध बालू ढुलाई का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि शाम के बाद ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई होती है, जबकि इस मामले में एनजीटी के प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मृतक के परिजनों ने भंडरिया निवासी फरहद खान और उनके पुत्र पर हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि, प्रदीप की मौत और कथित अवैध बालू कारोबार के बीच संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर रमकंडा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए गढ़वा भेजा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। रमकंडा थाना प्रभारी मुकेश यादव ने बताया कि रविवार दोपहर तीन बजे तक पुलिस को आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। आवेदन मिलने के बाद जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रंका के एसडीएम मोहम्मद परवेज ने रविवार को मृतक के घर पहुंचकर परिवार से जानकारी ली। मृतक की पत्नी ने उन्हें बताया कि प्रदीप को शुक्रवार रात बालू से जुड़े काम के लिए ले जाया गया था और बाद में उनकी मौत की सूचना मिली। एसडीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल इस मामले में मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों का पता चल सकेगा।



