बिहार में महिला उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा, हर जिले में हाट विकसित करेगा केंद्र

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now बिहार में जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार चरणबद्ध तरीके से हर जिले में हाट विकसित करेगी। Patna : बिहार

बिहार में महिला उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा, हर जिले में हाट विकसित करेगा केंद्र
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  • बिहार में जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार चरणबद्ध तरीके से हर जिले में हाट विकसित करेगी।

Patna : बिहार में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और जीविका दीदियों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में हाट विकसित किए जाएंगे। केंद्र सरकार इन हाटों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से करेगी, जबकि राज्य सरकार अपनी सुविधा के अनुसार इनका नामकरण कर सकेगी।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हर जिले में विकसित होने वाले हाटों में जीविका दीदियां और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पाद बेच सकेंगी।

पर्यटन स्थलों पर बड़े हाट बनाने का आग्रह

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जीविका और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का आग्रह किया था।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से नालंदा, बक्सर, भागलपुर और मोतिहारी जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर बड़े हाट विकसित करने का अनुरोध किया था, ताकि यहां आने वाले लोगों तक स्थानीय महिलाओं के उत्पाद पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में एक करोड़ 81 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें 30 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को और गति देने के लिए उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना आवश्यक है।

बिहार में 50 लाख पक्के मकान दिए गए

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार में अब तक करीब 50 लाख पक्के मकान दिए जा चुके हैं। अगले दो वर्षों में राज्य में 11 लाख 11 हजार 927 नए आवास दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक गरीब परिवारों को आवास योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए पात्रता मानकों में भी सुधार किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के सर्वे में छूटे ऐसे परिवार, जिनके पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें भी आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी गरीब परिवार को पक्के मकान के बिना नहीं रहने दिया जाएगा।

फार्मर आईडी बनाने में बिहार अग्रणी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फार्मर आईडी बनाने के मामले में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य में अब तक करीब 53 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि पहले आवास योजना में कई स्तर पर बिचौलियों की भूमिका रहती थी, जिसके कारण गरीबों को स्वीकृत राशि पूरी नहीं मिल पाती थी।

अब केंद्र सरकार की व्यवस्था में पूरी राशि सीधे लाभुक के खाते तक पहुंचती है। केंद्रीय मंत्री ने इसे गरीबों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बताया।

लाभुकों को दी गई प्रतीकात्मक चाबी और स्वीकृति पत्र

पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दानापुर सरारी की सुषमा देवी, शोभा देवी, अंजुमा देवी, मनेर की रिंकी देवी और माया देवी को घर की प्रतीकात्मक चाबी दी गई।

वहीं, नौबतपुर के राकेश राम, प्रीति कुमारी, टुन्नी देवी, जानकी देवी और शहजादी को आवास का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने भी संबोधित किया।

मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, आईएएस सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पटना जिले में 3.90 लाख पात्र परिवार चिह्नित

जिले में हुए सर्वे में 3 लाख 90 हजार पात्र परिवारों को पक्के मकान के लिए चिह्नित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 11 लाख 11 हजार 927 नए आवास बनने हैं।

हालांकि, इनमें पटना जिले के हिस्से में कितने आवास आएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

डीआरडीए निदेशक अंजन दत्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर वर्ष निर्धारित समय पर जियो टैगिंग के माध्यम से पात्र लाभुकों की पहचान की जाती है।

उन्होंने बताया कि तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाले नए आवेदनों पर सामान्य प्रक्रिया के तहत आवास उपलब्ध कराना संभव नहीं होता। हालांकि, अत्यंत जरूरतमंद परिवारों को विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जा सकता है।

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