बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का नया नियम, 2 लाख से अधिक लोन कैसे मिलेगा?

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की नई व्यवस्था 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। दो लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण के लिए राज्य की ऑनलाइन प्रक्रिया, जबकि अधिक राशि के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का नया नियम, 2 लाख से अधिक लोन कैसे मिलेगा?
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  • बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की नई व्यवस्था 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। दो लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण के लिए राज्य की ऑनलाइन प्रक्रिया, जबकि अधिक राशि के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

Patna : बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव के बाद विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण के लिए नई प्रक्रिया अपनानी होगी। नई व्यवस्था के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से अधिकतम दो लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलेगा, जबकि इससे अधिक राशि की जरूरत होने पर अतिरिक्त ऋण के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

संशोधित व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेगी। योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

कौन ले सकता है बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लाभ?

बिहार में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थी बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ ले सकते हैं। केंद्र सरकार की संबंधित योजनाओं के दायरे में नहीं आने वाले पात्र विद्यार्थियों को राज्य सरकार की योजना से सहायता देने का भी प्रावधान किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना और प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी केंद्रीय योजना से भी जोड़ा गया है।

दो लाख रुपये तक के लोन के लिए क्या करना होगा?

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अधिकतम दो लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण लेने के लिए विद्यार्थियों को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से आवेदन करना होगा।

ऑनलाइन आवेदन के बाद विद्यार्थी को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) में आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। दस्तावेजों की जांच और आवेदन के सत्यापन के बाद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

डीआरसीसी पर विद्यार्थियों को आवेदन से संबंधित जानकारी और प्रक्रिया में सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

दो लाख से अधिक लोन की जरूरत है तो क्या करें?

उच्च शिक्षा के लिए दो लाख रुपये से अधिक राशि की जरूरत होने पर अतिरिक्त ऋण के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।

विद्यार्थियों को इस पोर्टल पर आवेदन करने की मुफ्त सुविधा डीआरसीसी में भी मिलेगी। इससे पात्र विद्यार्थी अपनी जरूरत और पात्रता के अनुसार राज्य सरकार की योजना तथा केंद्र की संबंधित योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।

आवेदन से लेकर ऋण मिलने तक पूरी प्रक्रिया

पहला चरण: ऑनलाइन आवेदन

विद्यार्थी को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। दो लाख रुपये तक के ऋण के लिए बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की निर्धारित प्रक्रिया अपनानी होगी।

दूसरा चरण: डीआरसीसी में दस्तावेज सत्यापन

ऑनलाइन आवेदन के बाद विद्यार्थी को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। केंद्र पर आवेदन की जांच भी की जाएगी।

तीसरा चरण: ऋण स्वीकृति

आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्रता के आधार पर शिक्षा ऋण स्वीकृत किया जाएगा।

चौथा चरण: ऋण वितरण

ऋण स्वीकृत होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विद्यार्थी को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

पढ़ाई पूरी होने और निर्धारित मोरेटोरियम अवधि समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों को ऋण की राशि वापस करनी होगी। समय पर भुगतान करने वाले विद्यार्थियों को ब्याज प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा।

कितना लोन और कितने समय में चुकाना होगा?

संशोधित योजना में ऋण की राशि के अनुसार पुनर्भुगतान की अवधि तय की गई है।

  • दो लाख रुपये तक के ऋण को अध्ययन और मोरेटोरियम अवधि के बाद अधिकतम तीन वर्ष में चुकाना होगा।
  • दो से चार लाख रुपये तक के ऋण के लिए अधिकतम पांच वर्ष की अवधि निर्धारित की गई है।
  • चार से 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए अधिकतम 10 वर्ष में भुगतान करना होगा।

समय पर भुगतान करने पर मिलेगा ब्याज प्रोत्साहन

समय पर शिक्षा ऋण चुकाने वाले विद्यार्थियों को 30 प्रतिशत ब्याज प्रोत्साहन मिलेगा। छात्राओं, दिव्यांग और मंगलामुखी लाभार्थियों को निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान करने पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत ब्याज प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।

इस तरह इन श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को कुल 40 प्रतिशत तक ब्याज प्रोत्साहन मिल सकता है।

योजना का लाभ लेने में विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक परेशानी न हो, इसके लिए जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्रों पर सहायता उपलब्ध रहेगी। पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर आवेदन करने की सुविधा भी डीआरसीसी में मुफ्त दी जाएगी।

विद्यार्थियों को आवेदन के दौरान अपने शैक्षणिक और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने होंगे।

पुराने आवेदनों पर नहीं लागू होंगे नए नियम

योजना में किए गए बदलाव के बावजूद पहले से स्वीकृत आवेदनों पर नए नियम लागू नहीं होंगे। ऐसे आवेदनों का निष्पादन पुराने नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।

संशोधित नियम राजपत्र में अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रभावी होंगे।

अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाई गई योजना

राज्य सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों के लिए विस्तार दिया है। संशोधित योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेगी।

चालू वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 950 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।

अब तक योजना के तहत 4.81 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 4.15 लाख से अधिक विद्यार्थियों को करीब 8,865 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।

योजना के तहत कुल 15,801 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। राज्य और राज्य के बाहर के 3,429 शिक्षण संस्थानों को योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

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