Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइकिएट्री एंड एलाइड साइंसेज (रिनपास) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को आयोजित समारोह में कहा कि रिनपास में जल्द ही कई बड़े बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने यहां की आधारभूत संरचना और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने का भरोसा दिया और कमियों को दूर करने के लिए विस्तृत समीक्षा की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका आज तेजी से बढ़ रही है और यहां मानसिक रोगियों को आधुनिक तकनीकों से बेहतर इलाज मिलना चाहिए। उन्होंने डिजिटल चिकित्सा तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव कदम उठाएगी।
साथ ही, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कई मरीजों को परिवार छोड़कर चले जाते हैं या घरों में कैद कर देते हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मानसिक रोगियों के लिए सहायक और सरल व्यवस्थाएं बनाने की जरूरत है।
रिनपास की स्थापना 1925 में हुई थी, जिसे मुख्यमंत्री ने दूरदर्शिता का प्रतीक बताया। उन्होंने संस्थान के 100 साल सेवा के लिए बधाई दी और इसे और बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में रिनपास पर आधारित डाक टिकट जारी किया गया, स्मारिका व चार पुस्तकों का विमोचन हुआ, टेली मेंटल हेल्थ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल अकादमी की शुरुआत की गई। पूर्व निदेशकों व अन्य कर्मियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अन्य नेता और विशेषज्ञ मौजूद थे।



