Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ धार्मिक यात्रा पर निकल पड़े हैं। गुरुवार को वे रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां से वे उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल केदारनाथ जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वे बाबा केदारनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। मुख्यमंत्री के एक जून को रांची लौटने की संभावना है।
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मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर 30 मई को 16वें वित्त आयोग की टीम के साथ होने वाली अहम बैठक में हिस्सा लेंगे और झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
2024 का विधानसभा चुनाव जीतने के बाद से हेमंत सोरेन लगातार विभिन्न तीर्थ स्थलों का दौरा कर रहे हैं। उनका यह धार्मिक दौरा न सिर्फ आध्यात्मिक आस्था को दर्शाता है बल्कि जनता के बीच उनकी धार्मिक प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ कोलकाता स्थित शक्तिपीठ कालीघाट में मां काली के दर्शन किए थे। वहां उन्होंने गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना की थी। इससे पहले दिसंबर 2024 में हेमंत सोरेन उज्जैन के प्रसिद्ध बाबा महाकाल मंदिर पहुंचे थे, जहां उन्होंने पत्नी संग पूरे विधि-विधान से पूजन किया था।
उसी दिसंबर महीने में उन्होंने तिरुपति की पावन भूमि में विश्वप्रसिद्ध तिरुपति बालाजी और श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर में भी दर्शन किए। इस धार्मिक यात्रा की श्रृंखला में वे बाबा बैद्यनाथ धाम, मरांग बुरु और मणिटोला स्थित मां काली मंदिर सहित राज्य और देश के विभिन्न पूजास्थलों पर जाकर पूजा कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री का यह धार्मिक रुख उनकी निजी आस्था का परिचायक है, लेकिन साथ ही यह जनता को यह संदेश भी देता है कि वह संस्कृति और परंपराओं के प्रति समर्पित हैं।
अब उनकी यह केदारनाथ यात्रा भी प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाओं और आशीर्वादों से भरी हुई है। हेमंत सोरेन की यह तीर्थ यात्राएं झारखंड की राजनीतिक और सांस्कृतिक छवि को एक नया आयाम देती नजर आ रही हैं।



