Washington : अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने एक बेहद गंभीर मामले में चीन की एक महिला वैज्ञानिक को गिरफ्तार किया है। 33 वर्षीय युनकिंग जियान नामक यह वैज्ञानिक मिशिगन विश्वविद्यालय में पोस्ट डॉक्टरल फेलो थी और उस पर आरोप है कि उसने एक खतरनाक और जहरीले फंगस ‘फ्यूजेरियम ग्रैमिनियरम’ की तस्करी की है, जो कृषि उत्पादों और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद घातक है।
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एफबीआई निदेशक काश पटेल ने बयान जारी करते हुए कहा कि युनकिंग जियान को अमेरिकी खाद्य आपूर्ति प्रणाली को नुकसान पहुंचाने और जैविक आतंकवाद की योजना में लिप्त पाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि यह कवक गेहूं, चावल, मक्का और जौ जैसी प्रमुख फसलों को संक्रमित कर देता है और ‘हेड ब्लाइट’ नामक गंभीर बीमारी फैलाता है। यह मनुष्य और जानवरों दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
जांच में सामने आया कि जियान ने कथित रूप से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति अपनी वफादारी जताई और फंगस रिसर्च के लिए चीन सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त की थी। एफबीआई इस मामले में युनकिंग के पुरुष मित्र और वैज्ञानिक जुनयोंग लियू की भी तलाश कर रही है, जो चीन के एक विश्वविद्यालय से जुड़ा है। लियू पर भी अमेरिका में इसी जहरीले फंगस की तस्करी करने और पहले झूठ बोलने का आरोप है।
एनबीसी न्यूज के मुताबिक, दोनों वैज्ञानिकों पर साजिश, तस्करी, झूठे बयान देने और वीजा धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जियान और लियू के बीच 2022 में वीचैट पर हुई बातचीत को एफबीआई ने खतरे की घंटी बताया है। इसमें अमेरिका में बीज और जैविक पदार्थों की तस्करी की योजना बनाई गई थी।
संघीय अदालत ने युनकिंग जियान को हिरासत में रखने का आदेश दिया है और मुकदमे की सुनवाई जारी है। मिशिगन विश्वविद्यालय ने घटना पर खेद जताते हुए कहा है कि वह एफबीआई की जांच में पूरा सहयोग करेगा।
एफबीआई के काउंटर इंटेलिजेंस डिवीजन द्वारा की गई इस जांच से एक बार फिर यह साफ हुआ है कि चीन अमेरिकी शोध संस्थानों और खाद्य सुरक्षा प्रणाली को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।

