सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले से प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता की शिकायत के बाद विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के अथरी गांव में शिकायत की जांच के लिए अधिकारियों की टीम पहुंची थी। आरोप है कि जांच शुरू होते ही शिकायत करने वाले युवक और उसके परिवार के साथ मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष ने अपने तीन वर्षीय भतीजे पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश का भी गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
डीएम से की थी प्रधानमंत्री आवास योजना की शिकायत
अथरी गांव निवासी विकास कुमार झा ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ी को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने जैसे ही मामले की जांच शुरू की, शिकायत से नाराज लोगों के साथ विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। पीड़ित विकास कुमार झा का आरोप है कि उनके और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। इस दौरान उनके सिर में भी चोट आई।
तीन साल के बच्चे को जलाने की कोशिश का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप विकास कुमार झा के तीन वर्षीय भतीजे को लेकर लगाया गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने बच्चे और विकास कुमार झा पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
CCTV फुटेज की भी जांच करेगी पुलिस
घटना से संबंधित CCTV फुटेज सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि गांव में लगे कैमरे में विवाद और कथित मारपीट की कुछ घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। पुलिस अब CCTV फुटेज के साथ-साथ पीड़ितों के बयान और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। फुटेज की जांच के बाद घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
रुन्नीसैदपुर थाने में पहुंचा मामला
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने रुन्नीसैदपुर थाना में शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका और आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर की गई मूल शिकायत की भी जांच जारी है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि योजना में वास्तव में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं और इसी शिकायत को लेकर विवाद किस वजह से बढ़ा। फिलहाल पुलिस की जांच में पीड़ित का बयान, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्य अहम माने जा रहे हैं।

