- IIT पटना में 2026 में 26 राज्यों, दो केंद्र शासित प्रदेश और नेपाल से 1177 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है। संस्थान में लगभग पूरे देश का प्रतिनिधित्व होने से कैंपस ‘मिनी इंडिया’ की तरह नजर आ रहा है।
Patna : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना का कैंपस अब ‘मिनी इंडिया’ की तस्वीर पेश कर रहा है। वर्ष 2026 में 26 राज्यों, दो केंद्र शासित प्रदेशों और पड़ोसी देश नेपाल से कुल 1177 विद्यार्थियों ने स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों में नामांकन लिया है।
पिछले चार वर्षों के नामांकन को शामिल करें तो IIT पटना में लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व है। विभिन्न राज्यों से आए छात्र पढ़ाई के साथ अपने-अपने प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और खासियतों को भी कैंपस के कार्यक्रमों के माध्यम से साझा करते हैं।
विद्यार्थियों का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्रों के साथ पढ़ने से भारत की सांस्कृतिक, राजनीतिक और भौगोलिक विविधता को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलता है। साथ ही विभिन्न राज्यों के सामाजिक परिवेश से भी परिचित होने में सहूलियत होती है।
1177 विद्यार्थियों ने लिया नामांकन
वर्ष 2026 में IIT पटना के विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों में कुल 1177 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है। इनमें सबसे अधिक 620 विद्यार्थी बीटेक और बीएस कोर्स में नामांकित हुए हैं।
इसके अलावा बीटेक-एमटेक ड्यूल डिग्री में 72, बीटेक-बीएस एमबीए ड्यूल डिग्री में 57, एमएससी में 72, एमटेक में 253, एमटेक रिसर्च में चार, पीएचडी में 91 और प्रिपरेटरी कोर्स में आठ विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है।
बीटेक-बीएस में यूपी और तेलंगाना सबसे आगे
संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) के आंकड़ों के अनुसार, IIT पटना में वर्ष 2026 में बीटेक-बीएस कोर्स में सबसे अधिक 86-86 विद्यार्थी उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के हैं।
इसके बाद बिहार का स्थान है। बीटेक और बीएस कोर्स में नामांकित कुल 620 विद्यार्थियों में बिहार के 77 छात्र शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के 69, महाराष्ट्र के 60, राजस्थान के 35, हरियाणा के 30, पश्चिम बंगाल के 26 और मध्य प्रदेश के 24 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है।
दिल्ली और गुजरात के 20-20, कर्नाटक के 15 और झारखंड के 13 विद्यार्थी बीटेक-बीएस कोर्स में नामांकित हुए हैं।
स्नातक स्तर के बीटेक-बीएस, बीटेक-एमटेक ड्यूल डिग्री और बीटेक-बीएस एमबीए ड्यूल डिग्री कोर्स में प्रवेश जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर होता है। इन पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग JoSAA कराता है।
कुल नामांकन में बिहार के विद्यार्थी सबसे अधिक
पीएचडी समेत सभी पाठ्यक्रमों के नामांकन को शामिल करें तो वर्ष 2026 में IIT पटना में बिहार के विद्यार्थियों की संख्या सबसे अधिक है। कुल 1177 विद्यार्थियों में 271 बिहार से हैं।
इसमें एमटेक के 100 और पीएचडी के 63 विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी है। कुल नामांकन में उत्तर प्रदेश 164 विद्यार्थियों के साथ दूसरे स्थान पर है।
तेलंगाना के 111 विद्यार्थी तीसरे, महाराष्ट्र के 93 विद्यार्थी चौथे और आंध्र प्रदेश के 87 विद्यार्थी पांचवें स्थान पर हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों से भी विद्यार्थियों ने IIT पटना में नामांकन लिया है। असम के 20, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के दो-दो, जबकि मिजोरम और नागालैंड के एक-एक विद्यार्थी नामांकित हुए हैं। पड़ोसी देश नेपाल के एक विद्यार्थी ने एमटेक कोर्स में नामांकन लिया है।
ड्यूल डिग्री के छात्र IIM मुंबई और बोधगया में करेंगे पढ़ाई
बीटेक-बीएस एमबीए ड्यूल डिग्री में नामांकित विद्यार्थी सात सेमेस्टर की पढ़ाई के बाद अंतिम तीन सेमेस्टर भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) मुंबई और बोधगया में करेंगे।
ड्यूल डिग्री कार्यक्रम में नामांकित विद्यार्थियों को कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) में शामिल हुए बिना IIM से प्रबंधन की उपाधि मिलेगी। इसके लिए IIT पटना का IIM मुंबई और IIM बोधगया के साथ ड्यूल डिग्री कार्यक्रम को लेकर एमओयू हुआ है।
IIT पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह ने कहा, “IIT पटना में इस वर्ष 26 राज्यों के विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है और कैंपस में लगभग हर राज्य के विद्यार्थी हैं। संस्थान के लिए यह सुखद है कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व है। ऐसी स्थिति विद्यार्थियों को पूरे देश को समग्रता में समझने में सहूलियत प्रदान करती है। बच्चे विविध कार्यक्रमों के माध्यम से अपने-अपने राज्य की परंपरा और संस्कृति को समय-समय पर साझा करते हैं।”





