- राज्यभर में एनडीपीएस मामलों की होगी गहन समीक्षा, गैंग, बैंक खाते, आर्थिक स्रोत और सोशल मीडिया प्रोफाइल तक की होगी जांच
मुकेश रंजन
Ranchi : झारखंड में नशे के अवैध कारोबार पर अब पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू होने जा रही है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्र के निर्देश पर पूरे राज्य में ड्रग्स तस्करी से जुड़े आरोपियों की अवैध संपत्तियों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। इस अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित चल-अचल संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें जब्त करने की विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी के निर्देश के बाद सभी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षकों (डीआईजी) ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को सौंप दी है। जांच में यदि यह सामने आता है कि किसी आरोपी ने ड्रग्स के अवैध कारोबार से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है, तो संबंधित जिले के एसपी उसकी संपत्ति जब्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार करेंगे। इसके बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई को आयोजित समीक्षा बैठक में डीजीपी ने राज्य में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया था। इसी के तहत तैयार एक्शन प्लान में सबसे पहले एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज सभी मामलों का विस्तृत डेटा तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
डेटा के विश्लेषण के आधार पर विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले प्रमुख गिरोहों और अपराधियों की पहचान की जाएगी। साथ ही उनके कार्यक्षेत्र, आपूर्ति श्रृंखला, आर्थिक स्रोत, बैंक खातों और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। जांच एजेंसियां आरोपियों के सोशल मीडिया प्रोफाइल का भी विश्लेषण करेंगी, ताकि उनके नेटवर्क और वित्तीय गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए जा सकें।
वर्ष 2024 से मई 2026 तक 390 मामले दर्ज, 285 गिरफ्तार:
पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से मई 2026 तक राज्यभर में एनडीपीएस एक्ट के तहत 390 प्राथमिकी दर्ज की गईं, जबकि 285 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
जिलावार आंकड़ों में रांची में 107 प्राथमिकी और 33 गिरफ्तारियां दर्ज हुई हैं। खूंटी में 77 प्राथमिकी के साथ 90 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरायकेला में 35 प्राथमिकी और 19 गिरफ्तारियां हुईं। चाईबासा में 37 प्राथमिकी दर्ज कर 13 आरोपियों को जेल भेजा गया। चतरा में 63 प्राथमिकी के साथ 81 गिरफ्तारियां हुईं। इसके अलावा लातेहार में 28 प्राथमिकी एवं 15 गिरफ्तारियां, हजारीबाग में 23 प्राथमिकी एवं 10 गिरफ्तारियां, पलामू में 15 प्राथमिकी एवं 12 गिरफ्तारियां तथा सिमडेगा में दो प्राथमिकी के साथ 12 लोगों को जेल भेजा गया। लोहरदगा, कोडरमा और देवघर में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
राज्य पुलिस का मानना है कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई होने से ड्रग्स तस्करी के संगठित नेटवर्क की आर्थिक कमर टूटेगी और राज्य में नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।










