New Delhi : भारत में E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा के बीच अब इथेनॉल ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब इथेनॉल का उपयोग केवल पेट्रोल में मिश्रण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे बिजली बनाकर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को भी चार्ज किया जा सकेगा।
तेलंगाना में 150kW क्षमता वाला इथेनॉल आधारित EV चार्जिंग सिस्टम लॉन्च किया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया का पहला इथेनॉल आधारित EV चार्जिंग समाधान है, जो पारंपरिक बिजली ग्रिड पर निर्भर रहने के बजाय इथेनॉल से तैयार बिजली का उपयोग करेगा।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
इस नई तकनीक में 150kW फास्ट EV चार्जर को इथेनॉल से बिजली उत्पादन करने वाली प्रणाली के साथ जोड़ा गया है। यह सिस्टम पहले इथेनॉल की मदद से बिजली उत्पन्न करता है और फिर उसी बिजली से इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करता है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चार्जिंग स्टेशन को हर समय पारंपरिक बिजली ग्रिड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे उन क्षेत्रों में भी चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी, जहां बिजली की आपूर्ति सीमित या उपलब्ध नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने बताई तकनीक की खासियत
Keto Motors की 9-मीटर इलेक्ट्रिक कमर्शियल बस के लॉन्च के दौरान केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कंपनी ने ऐसा विशेष उपकरण विकसित किया है, जिसकी मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों को पारंपरिक बिजली के बजाय इथेनॉल से तैयार बिजली से चार्ज किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह तकनीक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इथेनॉल आधारित हरित ऊर्जा को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश में स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
हाईवे और दूरदराज क्षेत्रों के लिए फायदेमंद
वर्तमान में अधिकांश फास्ट EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए उच्च क्षमता वाले बिजली कनेक्शन, कई सरकारी मंजूरियां और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है। इसी कारण कई स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने में काफी समय लग जाता है।
इथेनॉल आधारित यह नई तकनीक इस चुनौती को काफी हद तक दूर कर सकती है। चूंकि यह स्वयं बिजली उत्पन्न करती है, इसलिए इसे हाईवे, ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों में भी आसानी से स्थापित किया जा सकता है, जहां ग्रिड कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है।
सिर्फ 72 घंटे में शुरू हो सकता है चार्जिंग स्टेशन
इस तकनीक की एक और बड़ी विशेषता इसकी तेज स्थापना प्रक्रिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह चार्जिंग यूनिट सिर्फ 72 घंटे में चालू की जा सकती है।
पारंपरिक EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में जहां बिजली कनेक्शन, अनुमतियों और अन्य प्रक्रियाओं के कारण काफी समय लगता है, वहीं इस नई प्रणाली से स्थापना लागत और सेटअप समय में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आने का दावा किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान साबित हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी सीमित है।





