Patna: बिहार में आर्थिक अपराध के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक कमलेश कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOU की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार सुबह एक साथ चार ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई पटना और वैशाली जिले में की जा रही है। EOU के अनुसार, शुरुआती जांच में कमलेश कुमार के पास उनकी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से 3 करोड़ 12 लाख 51 हजार रुपये अधिक संपत्ति होने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है। जांच एजेंसी ने इस अतिरिक्त संपत्ति को उनकी ज्ञात आय से करीब 103.30 प्रतिशत अधिक बताया है। इसी आधार पर EOU ने थाना कांड संख्या 24/26, दिनांक 21 सितंबर 2026 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके बाद विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त कर चार अलग-अलग स्थानों पर जांच शुरू की गई।
चार ठिकानों पर एक साथ EOU की कार्रवाई
आर्थिक अपराध इकाई की टीमें पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में मंगलवार सुबह संबंधित ठिकानों पर पहुंचीं। एजेंसी की ओर से इन स्थानों पर दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की जा रही है।
EOU के मुताबिक, जिन चार स्थानों पर तलाशी चल रही है, उनमें शामिल हैं:
- वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र में सर्वोदय मैदान के पास स्थित पैतृक आवास
- पटना के एसके पुरी थाना क्षेत्र में रामकृष्ण पथ स्थित मनमोहन अपार्टमेंट का फ्लैट
- राजीव नगर रोड नंबर 25C स्थित मेघा बिल्डिंग
- बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (तकनीकी) का कार्यालय कक्ष
इन सभी जगहों पर EOU की अलग-अलग टीमें एक साथ जांच कर रही हैं।
जांच में 3.12 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति का साक्ष्य
EOU की कार्रवाई कमलेश कुमार की आय और संपत्ति के सत्यापन के बाद शुरू हुई है। एजेंसी ने उनकी ज्ञात आय के स्रोतों और उनके नाम से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी का मिलान किया। इसी प्रक्रिया में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि उनकी संपत्ति उनकी वैध और ज्ञात आय की तुलना में अधिक है। EOU के अनुसार, जांच में 3.12 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का साक्ष्य मिला है। इसी आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद अब तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
तलाशी के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी
फिलहाल EOU की टीमें चारों ठिकानों पर दस्तावेज और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है, इसकी विस्तृत जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। आर्थिक अपराध इकाई की यह कार्रवाई ऐसे मामलों में की जाने वाली जांच का हिस्सा है, जिसमें सरकारी पद पर रहते हुए किसी अधिकारी की ज्ञात आय और उसकी संपत्ति के बीच अंतर की जांच की जाती है। अब तलाशी से मिलने वाले दस्तावेज और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की जांच की दिशा तय होगी। कमलेश कुमार मूल रूप से वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और वर्तमान में बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड में महाप्रबंधक (तकनीकी) के पद पर कार्यरत हैं। मामले में आगे EOU की जांच और तलाशी से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।



