रिम्स के नेत्रदाता परिवार सम्मान समारोह में 12 नेत्रदाताओं के परिवारों को किया गया सम्मानित

Ranchi : 39वीं राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत क्षेत्रीय नेत्र संस्थान, रिम्स द्वारा नेत्रदाता परिवार सम्मान समारोह का न्यू ट्रामा सेंटर में आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ चन्द्र किशोर शाही, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं, झारखण्ड सरकार विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम

रिम्स के नेत्रदाता परिवार सम्मान समारोह में 12 नेत्रदाताओं के परिवारों को किया गया सम्मानित
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Ranchi : 39वीं राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत क्षेत्रीय नेत्र संस्थान, रिम्स द्वारा नेत्रदाता परिवार सम्मान समारोह का न्यू ट्रामा सेंटर में आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ चन्द्र किशोर शाही, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं, झारखण्ड सरकार विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम में 12 नेत्रदाताओं के परिवारों को सम्मानित किया जिन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए अपने प्रियजनों के नेत्र दान कर के किसी के जीवन को रौशन किया है। साथ ही नेत्रदान जैसे महादान में कई लोग अहम भूमिका निभाते हैं जैसे पुलिस, ग्रीफ काउंसलर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब तकनीशियन, वार्ड बॉय, ट्रॉलीमैन, उन सभी को इस नेक कार्य में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

रिम्स के नेत्रदाता परिवार सम्मान समारोह में 12 नेत्रदाताओं के परिवारों को किया गया सम्मानित
रिम्स के नेत्रदाता परिवार सम्मान समारोह में 12 नेत्रदाताओं के परिवारों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. शाही ने कहा कि – क्सर लोग ज़रूरत पड़ने पर दूसरों के द्वारा दान किये गए रक्त को स्वीकार कर लेते हैं लेकिन देते वक़्त हिचक होती है जिसे समझने की आवश्यकता है। नेत्रदान और अंगदान जैसे नेक अभियान के लिए जमीन स्तर से जागरूकता की जरुरत है और इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। वहीं, डॉ सुनील कुमार, विभागाध्यक्ष, नेत्र विभाग, रिम्स ने बताया की अभी भी भ्रांतियों की वजह से लोग नेत्रदान करने से हिचकिचाते हैं। अंधापन दूर करने के लिए नेत्र प्रत्यारोपण की मांग अधिक है जबकि नेत्रदान कम होते हैं जिसकी वजह से हमेशा बैकलॉग रहता है। सभा को उन्होंने रिम्स नेत्र अधिकोष बैंक के सफर के विषय में जानकारी दी और कहा कि जल्द ही यह LV Prasad नेत्र संस्थान के सहयोग से एक विश्व स्तरीय नेत्र बैंक के रूप में तब्दील होने जा रहा है जिसके लिए से एमओयू हो चुका है। डॉ. राजीव रंजन, नोडल पदाधिकारी, सोट्टो झारखण्ड ने कहा कि, “सम्मानित हुए परिवारों को प्रेरणाश्रोत मानते हुए हम सभी को नेत्रदान और अंगदान का संकल्प लेना चाहिए क्योंकि इस से बड़ा पुण्य का कार्य कोई और नहीं है।

कार्यक्रम में प्रो (डॉ) शशि बाला सिंह, डीन, रिम्स; प्रो (डॉ) प्रदीप भट्टाचार्य, विभागाध्यक्ष, क्रिटिकल केयर, रिम्स; डॉ एम दीपक लकड़ा, सह – प्राध्यापक, नेत्र विभाग, डॉ राहुल प्रसाद, सह – प्राध्यापक, नेत्र विभाग कार्यक्रम में मौजूद थे।

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