Ranchi :ओरमांझी टोल प्लाजा ,रांची को रामगढ़ से जोड़ने वाले ओरमांझी टोल प्लाजा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने फास्टैग सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कई वाहन चालकों ने आरोप लगाया है कि उनके सक्रिय और बैलेंस युक्त फास्टैग को ब्लैकलिस्ट बताकर टोल कर्मी जबरन नकद में दोगुना शुल्क वसूल रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि जब वे विरोध करते हैं, तो उन्हें अलग लेन में भेजा जाता है और वहां भी नए-नए बहाने गढ़कर 50 रुपये के बजाय 100 रुपये तक वसूल लिए जाते हैं। इस दौरान यात्रियों को भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
शिकायतकर्ताओं ने इसे संगठित लूट की संज्ञा देते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों का आरोप है कि यह पूरा खेल रोजाना चल रहा है और किसी बड़े गठजोड़ की तरफ इशारा करता है।
लगातार मिल रही ऐसी शिकायतों ने टोल प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर फास्टैग की विश्वसनीयता को ठेंगा दिखाने वाले इस रैकेट को कौन संरक्षण दे रहा है । यह सवाल अब प्रशासन के दरवाजे पर खड़ा है।






