New Delhi : फिडे महिला वर्ल्ड कप 2025 के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले भारतीय शतरंज प्रशंसकों के लिए रोमांच और तनाव से भरे रहे। भारत की चारों प्रमुख खिलाड़ी — दिव्या देशमुख, आर. वैषाली, कोनेरू हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली — अपने-अपने मुकाबले जीतने में असफल रहीं और अब उन्हें क्वार्टर फाइनल में प्रवेश के लिए टाईब्रेक मुकाबले खेलने होंगे।
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दिव्या देशमुख के लिए दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने पहले गेम में चीन की विश्व नंबर दो खिलाड़ी झू जिनर को शानदार अंदाज में हराया था। लेकिन गुरुवार को हुए दूसरे क्लासिकल गेम में झू ने जबरदस्त वापसी करते हुए दिव्या को पराजित किया। ब्लैक मोहरों से खेलते हुए दिव्या एक अनौपचारिक स्कॉच ओपनिंग में मिडिल गेम में चूक गईं, जिसका झू ने पूरा फायदा उठाया।
इसी तरह आर. वैषाली और कजाकिस्तान की मेरुर्ट कामालिदेनोवा के बीच लगातार दोनों गेम ड्रॉ पर समाप्त हुए। वैषाली ने दूसरे गेम में ब्लैक मोहरों से संभलकर खेलते हुए मैच को टाईब्रेक तक पहुंचाया।
अनुभवी ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली का प्रदर्शन संतुलित रहा। हम्पी ने स्विट्जरलैंड की पूर्व विश्व चैम्पियन अलेक्जेंड्रा कोस्टेनियुक के खिलाफ और हरिका ने रूस की कैटेरीना लगनो के खिलाफ सफेद मोहरों से खेलते हुए ड्रॉ खेला।
इस बीच, चीन की तीन खिलाड़ी — लेई टिंगजी, सॉन्ग यूसिन और तान झोंगयी — पहले ही क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी हैं। दिन की सबसे बड़ी उलटफेर जॉर्जिया की नाना डजागनिड्जे ने की, जिन्होंने यूक्रेन की पूर्व विश्व चैम्पियन मारिया मुझचुक को बाहर कर सभी को चौंका दिया।
उल्लेखनीय है कि इस टूर्नामेंट से शीर्ष तीन खिलाड़ी 2026 की पहली छमाही में आयोजित होने वाले फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करेंगी। ऐसे में हर मुकाबला अब निर्णायक होता जा रहा है।
चारों भारतीय खिलाड़ी आज शाम 4:35 बजे से अपने टाईब्रेक मुकाबले खेलेंगी, जिन पर भारत की उम्मीदें टिकी हैं।






