Patna : बिहार के क्रिकेट प्रेमियों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। जल्द ही क्रिकेट प्रशंसकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले देखने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नालंदा के राजगीर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम दिसंबर 2026 तक तैयार हो जाएगा और इसी महीने यहां पहला क्रिकेट मैच आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
अंतिम चरण में पहुंचा निर्माण कार्य
राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। खेल विभाग ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया है कि हर हाल में दिसंबर 2026 तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि स्टेडियम क्रिकेट प्रेमियों के लिए तैयार हो सके।
40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला मुख्य पवेलियन तैयार
स्टेडियम का सबसे बड़ा आकर्षण 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला भव्य मुख्य पवेलियन है, जिसका निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, शेष तीन दर्शक स्टैंड का निर्माण तेजी से जारी है।
बिहार के खिलाड़ियों को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम केवल एक खेल परिसर नहीं, बल्कि बिहार के खेलों के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दिसंबर से यहां गूंजने वाले चौकों-छक्कों की आवाज पूरे देश को यह संदेश देगी कि बिहार अब विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है।
उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम बिहार के खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र बनेगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
करीब 90 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित हो रहा यह स्टेडियम लगभग 633 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं—
- आधुनिक फ्लडलाइट व्यवस्था
- हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड
- कॉरपोरेट बॉक्स
- वीआईपी गैलरी
- आधुनिक मीडिया सेंटर
- अत्याधुनिक ड्रेसिंग रूम
- अभ्यास के लिए विशेष पिचें
- उन्नत ड्रेनेज सिस्टम
मुख्य विकेट के लिए विशेष लाल मिट्टी तथा अभ्यास पिचों के लिए काली मिट्टी का उपयोग किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल परिस्थितियां मिल सकें।
खेल विकास को मिलेगी नई पहचान
राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के बाद बिहार को पहली बार विश्वस्तरीय क्रिकेट अवसंरचना प्राप्त होगी। इससे राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन का रास्ता खुलेगा। साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अवसर अपने ही राज्य में मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से खेल पर्यटन, स्थानीय रोजगार और खेल अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
गौरतलब है कि राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पहले से ही हॉकी, एथलेटिक्स, तैराकी, शूटिंग, कबड्डी, कुश्ती समेत कई खेलों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के जुड़ने से राजगीर देश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल होने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाएगा।





