Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रतिष्ठित अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार मुद्दा है कार्डियोलॉजी विभाग के एक सुरक्षा कर्मी की ‘मंत्री जैसी ठाठ-बाट’ और अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था। जहां एक ओर मरीज इलाज के लिए घंटों लाइन में लगे रहते हैं, वहीं दूसरी ओर एक सुरक्षा गार्ड अपनी दबंग उपस्थिति और ‘आर्मी स्टाइल’ ड्रेस में पूरे विभाग पर राज करता नजर आता है।
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वायरल तस्वीरें और मंत्री जैसी शानो-शौकत:
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में देखा गया कि एक सुरक्षा गार्ड फुल आर्मी लुक में, हाथ में फाइल लिए गंभीर मुद्रा में घूम रहा है। मरीजों और स्टाफ का कहना है कि उसकी गतिविधियां किसी मंत्री या अधिकारी से कम नहीं लगतीं। लोगों ने तंज कसा कि “गार्ड साहब ही शायद अब विभाग चला रहे हैं!”
कार्डियोलॉजी विभाग में अव्यवस्था:
विभाग का दृश्य और भी चिंताजनक है। ऑफिस में दवाइयों की बेतरतीब ढेर, फाइलों का बिखराव, और खाली कुर्सियां यह बताने के लिए काफी हैं कि व्यवस्थाएं कितनी लचर हैं। दीवार पर ‘नो स्मोकिंग’ का बोर्ड जरूर है, लेकिन नीचे फैली अव्यवस्था और गंदगी सब साफ बयां कर देती है।
प्रशासन पर गंभीर सवाल:
रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने हाल ही में कई होम गार्ड्स को हटा दिया था। गार्डों की लापरवाही, नियमित अनुपस्थिति और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार जैसी घटनाएं अस्पताल की साख पर बट्टा लगा रही हैं।
जनता की नाराजगी:
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इलाज से पहले गार्ड साहब की ‘दबंगई’ सहनी पड़ती है। कई बार तो सुरक्षा कर्मियों का व्यवहार डॉक्टरों और नर्सों तक के साथ भी असभ्य होता है, जिससे माहौल में तनाव बना रहता है।
ज़रूरत जवाबदेही की:
यह स्थिति केवल एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे रिम्स की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। रिम्स प्रशासन को चाहिए कि न केवल चिकित्सा सुविधाओं पर ध्यान दे, बल्कि कर्मचारियों की जवाबदेही, अनुशासन और सेवा भावना को भी प्राथमिकता दे।

