Ranchi: झारखंड की आत्मा कहे जाने वाले आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान को नए युग की चेतना से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। 8 जून 2025, दिन रविवार को रांची के नामकुम थाना क्षेत्र स्थित नया भुसुर मैदान (ग्राम-लालखटंगा, रिंग रोड) में पाहन महासम्मेलन 2025 का भव्य आयोजन किया जाएगा।
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इस महासम्मेलन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं, बल्कि एक सामाजिक पुनर्जागरण है। ड्राई फॉरेस्ट अभियान, झारखंड द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पारंपरिक सामाजिक अगुआओं—जैसे पाहन, महतो, पाइंबहोरी और कोटवार—की ऐतिहासिक भूमिका को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है। ये पद सदियों से आदिवासी सामाजिक व्यवस्था की रीढ़ रहे हैं, लेकिन आज आधुनिकता की दौड़ में इनकी गरिमा धूमिल होती जा रही है।
इस महासम्मेलन के माध्यम से न केवल इन संस्थागत भूमिकाओं का पुनर्परिचय कराया जाएगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और अस्मिता से जोड़ने का सेतु भी बनाया जाएगा।
कार्यक्रम की विशेषताएं:
- पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां
- समाज की धार्मिक और सामाजिक संरचना पर संवाद
- युवा वर्ग के लिए सांस्कृतिक शिक्षा और आत्मगौरव का संदेश
सम्मेलन में सभी समुदायों के लोगों को पारंपरिक पोशाक में अपने परिवार सहित आमंत्रित किया गया है, जिससे यह आयोजन केवल समारोह नहीं, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ले सके।
यह महासम्मेलन एक गूंज है, उस आत्मगौरव की जो सदियों से दबा रहा है, और अब नवचेतना के साथ पुनः उभर रहा है। यह एक आह्वान है—संस्कृति की रक्षा और परंपरा के नवउत्थान का।

