हादी हत्याकांड: भारत पर बांग्लादेश का दावा झूठा, आरोपी दुबई में निकला

New Delhi : बांग्लादेश के चर्चित युवा नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे फैसल करीम मसूद ने एक वीडियो संदेश जारी कर बांग्लादेशी एजेंसियों के उस दावे को झूठा

हादी हत्याकांड: भारत पर बांग्लादेश का दावा झूठा, आरोपी दुबई में निकला
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New Delhi : बांग्लादेश के चर्चित युवा नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे फैसल करीम मसूद ने एक वीडियो संदेश जारी कर बांग्लादेशी एजेंसियों के उस दावे को झूठा साबित कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि वह भारत भाग गया है। फैसल ने स्पष्ट किया है कि वह भारत में नहीं, बल्कि दुबई में मौजूद है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में फैसल करीम मसूद ने दावा किया कि उस्मान हादी की हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं है और उसे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उसने कहा, “मैंने हादी की हत्या नहीं की है। अपनी जान बचाने के लिए मैं दुबई आया हूं।” फैसल ने यह भी आशंका जताई कि हादी जिस संगठन से जुड़े थे, संभव है उसी से जुड़े कुछ लोगों ने उन पर हमला किया हो।

फैसल ने बताया कि वह एक आईटी कंपनी का मालिक है और उसकी उस्मान हादी से मुलाकात केवल व्यावसायिक कारणों से होती थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि सरकारी ठेके दिलाने के आश्वासन पर उसने हादी को राजनीतिक चंदा दिया था, लेकिन इसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था।

🔫 चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी हत्या

यह पूरा मामला 12 दिसंबर का है, जब ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान उस्मान हादी को सिर में गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। उस्मान हादी इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे और जुलाई–अगस्त 2024 के उस जनआंदोलन में उनकी अहम भूमिका रही थी, जिसके चलते शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हुई थी। वह आगामी 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में संसदीय उम्मीदवार भी थे।

बांग्लादेश पुलिस के दावे पर उठे सवाल

हत्याकांड के बाद ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एस.एन. नज़रुल इस्लाम ने दावा किया था कि फैसल करीम मसूद और एक अन्य आरोपी भारत भाग गए हैं और मेघालय के रास्ते देश में दाखिल हुए हैं। हालांकि, भारत में सीमा सुरक्षा बल के मेघालय आईजी ओ.पी. उपाध्याय ने इन आरोपों को तत्काल खारिज कर दिया था।

अब फैसल के वीडियो और सामने आए आधिकारिक दस्तावेजों से यह पुष्टि हो गई है कि उसके पास दिसंबर 2022 में जारी पांच साल का मल्टी-एंट्री यूएई वीजा है और वह इसी आधार पर दुबई पहुंचा है। इस खुलासे के बाद बांग्लादेशी एजेंसियों द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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