- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आज 51वां जन्मदिन है। जानिए बोकारो में पढ़ाई, BIT मेसरा में इंजीनियरिंग और छात्र राजनीति से CM बनने तक का सफर।
Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आज 51वां जन्मदिन है। उनका जन्म 10 अगस्त 1975 को रामगढ़ जिले के नेमरा में हुआ था। जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और भगवान से उनकी लंबी उम्र व अच्छी सेहत की कामना की।
हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रमुख और झारखंड अलग राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल शिबू सोरेन के बेटे हैं। वह वर्तमान में दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री हैं।
पहली बार 2013 में बने मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन पहली बार जुलाई 2013 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे। उनका पहला कार्यकाल दिसंबर 2014 तक रहा। इसके बाद 29 दिसंबर 2019 को उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और तब से राज्य की कमान संभाल रहे हैं।
2019 के विधानसभा चुनाव में JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के बाद हेमंत सोरेन ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला। इससे पहले 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद वह सत्ता से बाहर हो गए थे।
बोकारो से शुरू हुई पढ़ाई
हेमंत सोरेन की शुरुआती पढ़ाई बोकारो सेक्टर-4 स्थित सेंट्रल स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने पटना के एमजी हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की।
साल 1994 में उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से आईएससी की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने बीआईटी मेसरा में इंजीनियरिंग में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं कर सके।
इंजीनियर बनना चाहते थे, राजनीति में आए
हेमंत सोरेन की रुचि इंजीनियरिंग के साथ-साथ फोटोग्राफी और पेंटिंग में भी थी। वह इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण राजनीति में आ गए।
उन्होंने 2003 में छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। बाद में वह झारखंड छात्र मोर्चा के अध्यक्ष बने। साल 2005 में उन्होंने पहली बार दुमका विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
दुमका से विधानसभा और राज्यसभा तक
23 दिसंबर 2009 को हेमंत सोरेन पहली बार दुमका से विधायक चुने गए। इसी दौरान वह राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हुए, लेकिन जनवरी 2010 में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद वह अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार में उपमुख्यमंत्री बने।
परिवार की जिम्मेदारी के बाद बढ़ी राजनीतिक भूमिका
बड़े भाई दुर्गा सोरेन के निधन और पिता शिबू सोरेन की खराब सेहत के बाद हेमंत सोरेन की राजनीति में सक्रिय भूमिका बढ़ी। इसके बाद उन्होंने पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत की और झारखंड की राजनीति में प्रमुख नेता के रूप में उभरे।
2013 में वह पहली बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने। 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता से बाहर होने के बावजूद उन्होंने पार्टी और संगठन में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। 2019 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन की जीत के बाद वह दोबारा मुख्यमंत्री बने।
आज जन्मदिन के मौके पर हेमंत सोरेन को देश और राज्य के कई नेताओं की ओर से शुभकामनाएं दी जा रही हैं।










