Jharkhand News : जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित निवेश घोटाले के मामले में अदालत के आदेश पर एक बार फिर कार्रवाई तेज हो गई है। कोर्ट के निर्देश के बाद दर्ज नई एफआईआर में कई नामी फिल्मी हस्तियों समेत कुल 6 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
इस प्राथमिकी में बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा, चंकी पांडेय, शक्ति कपूर, गायक व अभिनेता मनोज तिवारी के साथ-साथ मेक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को नामजद किया गया है। कंपनी के दोनों निदेशक पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुई FIR
साकची थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने पुष्टि की कि यह एफआईआर अदालत के आदेश के अनुपालन में दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि नए मामले के दर्ज होने से जांच को और व्यापक तथा तेज किया जाएगा।
8 लाख निवेश, 15% मासिक रिटर्न का लालच
यह मामला बर्मामाइंस थाना क्षेत्र निवासी जसपाल सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने मेक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड की आकर्षक निवेश योजना से प्रभावित होकर करीब 8 लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी ने उन्हें 15 प्रतिशत प्रतिमाह रिटर्न देने का वादा किया था, लेकिन न तो मूलधन लौटाया गया और न ही कोई ब्याज मिला।
फिल्मी सितारों की मौजूदगी से बढ़ा भरोसा
शिकायत में कहा गया है कि कंपनी के भव्य प्रचार कार्यक्रमों में नामी फिल्मी कलाकारों की मौजूदगी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। बड़े मंच, चमक-दमक और सेलिब्रिटी भाषणों के जरिए आम लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। इन्हीं आयोजनों को देखकर कई निवेशकों ने कंपनी को विश्वसनीय मान लिया।
600 करोड़ से अधिक की ठगी का शक
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मेक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि कंपनी ने 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़प ली और इस घोटाले से 25 हजार से ज्यादा निवेशक प्रभावित हुए हैं। कंपनी का मुख्य कार्यालय जमशेदपुर के साकची इलाके में स्थित था।
सेलिब्रिटीज की भूमिका की होगी जांच
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नई एफआईआर में नामजद सभी आरोपियों की भूमिका की कानूनी जांच की जाएगी। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि फिल्मी सितारे केवल ब्रांड प्रमोशन तक सीमित थे या उन्होंने सीधे तौर पर निवेश के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया। इसके लिए वीडियो फुटेज, विज्ञापन सामग्री, अनुबंध, भुगतान और बैंक लेनदेन की जांच की जाएगी।
फिलहाल अदालत के संज्ञान में आने के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट, सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर तय की जाएगी।

