वेतन के इंतजार में टूट रहे सहायक आचार्य, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार को घेरा

छह से नौ माह बीतने के बाद भी नहीं मिला वेतन, शिक्षक परिवार आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से जूझने को मजबूर Ranchi : झारखंड में सहायक आचार्य शिक्षकों को अबतक वेतन भुगतान नहीं होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर झारखंड

वेतन के इंतजार में टूट रहे सहायक आचार्य, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार को घेरा
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  • छह से नौ माह बीतने के बाद भी नहीं मिला वेतन, शिक्षक परिवार आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से जूझने को मजबूर

Ranchi : झारखंड में सहायक आचार्य शिक्षकों को अबतक वेतन भुगतान नहीं होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से अविलंब वेतन भुगतान की मांग की है। संघ ने कहा कि नियुक्ति के छह से नौ माह बीत जाने के बावजूद हजारों शिक्षक वेतन से वंचित हैं, जिससे उनके समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

संघ के प्रधान सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन कुमार ने कहा कि बिना वेतन के शिक्षकों का जीवन संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। घर-परिवार की दैनिक जरूरतों की पूर्ति करना भी कठिन हो गया है। कई शिक्षकों के घरों में राशन तक की समस्या उत्पन्न हो गई है, वहीं माता-पिता की बीमारी, पत्नी और बच्चों की आवश्यक जरूरतों को पूरा नहीं कर पाने से शिक्षक मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई शिक्षक बिना वेतन पाए ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जबकि कुछ शिक्षक तनाव और अवसाद के कारण असमय काल के गाल में समा रहे हैं। यह न केवल शिक्षकों के लिए बल्कि शिक्षा व्यवस्था के लिए भी अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।

संघ ने सरकार को उसकी जवाबदेही याद दिलाते हुए कहा कि किसी भी शिक्षक को आर्थिक कठिनाइयों से जूझने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। शिक्षकों को समय पर वेतन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
संघ ने मांग की कि सहायक आचार्य शिक्षकों का लंबित वेतन शीघ्र भुगतान किया जाए, ताकि वे आर्थिक परेशानियों से मुक्त होकर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर सकें तथा राज्य के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

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