JPSC मेधा घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत 12 आरोपितों पर CID का शिकंजा, 97 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े मेधा घोटाला मामले में जांच तेज हो गई है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने इस मामले में विशेष अदालत के समक्ष 12 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोपितों में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते और
पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते
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Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े मेधा घोटाला मामले में जांच तेज हो गई है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने इस मामले में विशेष अदालत के समक्ष 12 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोपितों में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते और तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसी की ओर से दाखिल 97 पन्नों की चार्जशीट में जब्त दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज से जुड़ी जानकारियां दी गई हैं। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया विशेष अदालत में चलेगी।

97 पन्नों की चार्जशीट में जांच के साक्ष्य शामिल

JPSC मेधा घोटाला मामले की जांच के दौरान CID ने कई तरह के दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। जांच एजेंसी ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में जब्त की गई वस्तुओं और दस्तावेजों का विस्तृत विवरण भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान कुल 82 जब्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया गया, जिसका ब्योरा चार्जशीट के 14 पन्नों में दर्ज है। इसके अलावा वैज्ञानिक जांच से जुड़े साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आरोपितों के बयान भी अदालत में पेश किए गए हैं। इन साक्ष्यों की कानूनी अहमियत का निर्धारण आगे की न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

कॉल डिटेल और CCTV फुटेज की भी हुई जांच

इस मामले में CID ने केवल दस्तावेजों तक अपनी जांच सीमित नहीं रखी। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों की पड़ताल के लिए परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। इसके साथ ही परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों और परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण किया गया। जांच एजेंसी ने इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज की जांच से संबंधित गतिविधियों की समय-सीमा और आपसी संपर्कों को समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों और अदालत की सुनवाई के आधार पर ही निकाला जाएगा।

चार अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र भी जांच के दायरे में

CID की जांच में चार अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों से संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की गई। इनमें रवि कुमार, सेजल सेहरावत, विवेक कुमार और शालिनी राठी के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसी ने इन अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों से जुड़े तथ्यों की जांच की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन चारों की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। जांच में किसी पहलू का शामिल होना अपने आप में दोष साबित नहीं करता।

विशेष अदालत में आगे बढ़ेगी सुनवाई

JPSC मेधा घोटाला झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है। ऐसे मामलों में जांच के निष्कर्षों के साथ-साथ साक्ष्यों की विश्वसनीयता और निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया भी अहम होती है। CID ने अब तक की जांच के आधार पर चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरोपितों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी।

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