मालदा कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, एयरपोर्ट से पकड़ा गया मोफक्करुल इस्लाम

Kolkata : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की गंभीर घटना में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीआईडी ने मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है। उसे बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय हिरासत में लिया गया, जब

मालदा कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, एयरपोर्ट से पकड़ा गया मोफक्करुल इस्लाम
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Kolkata : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की गंभीर घटना में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीआईडी ने मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है। उसे बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह कथित रूप से वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। इस गिरफ्तारी को मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

इस घटना ने पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। जानकारी के मुताबिक, यह मामला उस समय सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत तैनात न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने घेर लिया और उन्हें बंधक बना लिया।

नॉर्थ बंगाल के एडीजी जयरामन ने बताया कि मोफक्करुल इस्लाम को लोगों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह घटना पहले से योजनाबद्ध थी या नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर न्यायिक अधिकारियों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की सुरक्षा प्रदान की गई है। पुलिस अब तक इस मामले में 35 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और आगे की कार्रवाई जारी है।

इस बीच, भारतीय चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया। सूत्रों के अनुसार, एनआईए की टीम जल्द ही पश्चिम बंगाल पहुंचकर जांच शुरू करेगी।

चुनाव आयोग ने साफ किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने एनआईए के महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मामले की जांच सौंपने की जानकारी दी है।

बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। यह घटना बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे एक बीडीओ कार्यालय में हुई, जहां सात न्यायिक अधिकारी एसआईआर प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियों की जांच कर रहे थे। अदालत ने इस घटना को गंभीर मानते हुए इसे अवमानना का मामला बताया है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। फिलहाल, जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और घटना के पीछे की साजिश को उजागर करने में जुटी हैं।

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