विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के यालामंचिली रेलवे स्टेशन के पास सोमवार तड़के बड़ा रेल हादसा हो गया। टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस की दो एसी बोगियों में अचानक आग लग गई, जिसमें एक 70 वर्षीय बुजुर्ग यात्री की मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की सूचना रात करीब 12:45 बजे मिली। उस समय ट्रेन यालामंचिली के पास से गुजर रही थी। लोको पायलट ने आग की लपटें देखते ही सतर्कता बरतते हुए ट्रेन को तुरंत रोक दिया। हालांकि, दमकल की टीमें मौके पर पहुंचतीं, उससे पहले आग ने बी-1 और एम-2 एसी कोच को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
बताया गया कि हादसे के वक्त बी-1 कोच में 82 और एम-2 कोच में 76 यात्री सवार थे। बी-1 कोच में एक यात्री मृत पाया गया, जिनकी पहचान चंद्रशेखर सुंदरम (70 वर्ष) के रूप में की गई है।
कोहरे और धुएं से मची अफरा-तफरी
हादसे के समय इलाके में घना कोहरा था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। जैसे ही बोगियों में धुआं भरने लगा, यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। अंधेरा और धुंध के कारण यात्रियों को बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घबराए यात्री ट्रेन से उतरकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू
आग बुझाने के लिए अनकपल्ली, एलामंचिली और नक्कापल्ली से दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में दोनों कोच पूरी तरह जल गए और यात्रियों का काफी सामान भी नष्ट हो गया।
शुरुआती जांच में ब्रेक बाइंडिंग की आशंका
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब चार घंटे देरी से चल रही थी। अनकपल्ली स्टेशन से रवाना होने के बाद नरसिंहबल्ली के पास चिंगारियां दिखाई दी थीं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ब्रेक ब्लॉक के अत्यधिक गर्म होने (ब्रेक बाइंडिंग) के कारण आग लगी, जो धीरे-धीरे दोनों कोचों में फैल गई।
रेलवे ने जले हुए डिब्बों को ट्रेन से अलग कर दिया है और शेष ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया है। यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के लिए दो फोरेंसिक टीमें तैनात की गई हैं।

