Ranchi : राज्य में ट्राइबल वेलफेयर कमिश्नर की नियुक्ति में हो रही देरी के खिलाफ अबुआ अधिकार मंच (आम) ने शनिवार को राजभवन और मुख्यमंत्री सचिवालय में ज्ञापन सौंपा। मंच के सदस्यों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन में मांग की कि यह पद लंबे समय से रिक्त है, जिससे SC/ST और OBC वर्ग के छात्र-छात्राओं को सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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समस्या का मूल: पद रिक्त और सिस्टम ठप
मंच के सदस्य अभिषेक शुक्ला ने कहा कि ट्राइबल वेलफेयर कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पद के खाली होने से योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है। छात्रवृत्ति वितरण, फंड ट्रांसफर और डाटा अपलोड जैसी प्रक्रिया में लगातार लापरवाही देखने को मिल रही है।
2021-22 की छात्रवृत्ति अब तक लंबित
सुदीप मिंज ने बताया कि वर्ष 2021-22 की छात्रवृत्ति का लगभग 60% हिस्सा अब तक भुगतान नहीं किया गया है, जिससे हजारों छात्र आर्थिक संकट में हैं। छात्र अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं।
ओबीसी वर्ग की भी अनदेखी
मंच के सदस्यों दिवाकर प्रजापति और राहुल यादव ने OBC छात्रों के लिए फंड में बढ़ोतरी की मांग की। उन्होंने कहा कि न केवल ट्राइबल बल्कि ओबीसी छात्रों को भी समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
मंच ने सरकार को कहा कि यदि जल्द ही कमिश्नर की नियुक्ति और प्रक्रिया में सुधार नहीं हुआ तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में विक्रम यादव, प्रतीक्षा कुमारी, आमिर हमजा, सलमान अली समेत कई सक्रिय सदस्य मौजूद रहे।
जनसरोकार का सवाल
अब सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस अनदेखी और विलंब को गंभीरता से लेगी या फिर यह मामला फाइलों में दबा रह जाएगा?



