New Delhi : वैश्विक टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि 2026 के बाद भी भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर उसका निवेश लगातार जारी रहेगा। कंपनी न केवल अत्याधुनिक डेटा सेंटर्स विकसित कर रही है, बल्कि बड़ी संख्या में एआई इंजीनियरों की भी भर्ती कर रही है।
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के प्रेसिडेंट पुनीत चंदोक ने बताया कि कंपनी वर्तमान वर्ष और अगले वर्ष के दौरान भारत में करीब 3 अरब डॉलर (25,000 करोड़ रुपये) का विशाल निवेश कर रही है। इसी योजना के तहत हैदराबाद में बनने वाला मेगा डेटा सेंटर जून 2026 से संचालन में आ जाएगा। यह उस क्षेत्र के सबसे बड़े डेटा सेंटर्स में से एक माना जा रहा है।
फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट के मुंबई, पुणे और चेन्नई में डेटा सेंटर पहले से मौजूद हैं। इसके अलावा कंपनी रिलायंस जियो के साथ साझेदारी में महाराष्ट्र और गुजरात में जियो–एज्योर रीजन भी विकसित कर रही है।
चंदोक ने बताया कि भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार रुकने वाला नहीं है और कंपनी अपने निवेश को दीर्घकालिक रूप से जारी रखेगी। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला 10–12 दिसंबर के बीच भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां एआई से जुड़ी कई अहम घोषणाएं संभव हैं।
हाल ही में गूगल द्वारा अदाणी ग्रुप और एयरटेल के साथ विशाखापट्टनम में 1 गीगावॉट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए 15 अरब डॉलर के निवेश ऐलान ने प्रतिस्पर्धा को बढ़ाया है। हालांकि चंदोक ने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों पर टिप्पणी नहीं की।
उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट भारत में नौकरियां कम नहीं करेगा। कंपनी वर्तमान में 22,000 एआई इंजीनियरों के साथ काम कर रही है और आने वाले समय में और भर्तियाँ होंगी। माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि दोहराव वाले कार्य मशीनों द्वारा संभाले जाएंगे और नए अवसर पैदा होंगे।
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की साइट पर वर्तमान में 420 रिक्तियां मौजूद हैं, जिनमें से 92% पदों पर एआई कौशल आवश्यक है। कंपनी अपने कर्मचारियों को हर महीने एक दिन विशेष रूप से एआई ट्रेनिंग के लिए समर्पित करती है।
वित्त वर्ष 2025 में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया का राजस्व 28,755 करोड़ रुपये रहा, जबकि 1,245 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया। कंपनी ओपनएआई साझेदारी के साथ एज्योर और कोपायलट सेवाओं के माध्यम से भारत में एआई आधारित समाधानों का विस्तार कर रही है।



