- शोकाकुल परिवार से मिलकर बंधाया ढांढ़स, कहा – दुख की इस घड़ी में परिवार खुद को अकेला न समझे
- अपनों को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता : सुरेश बैठा
मुकेश रंजन
Ranchi : राज्य के मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके पैतृक आवास पर रविवार को संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। इसी क्रम में कांके विधायक सुरेश बैठा उनके पैतृक आवास पहुंचे और दिवंगत सुदिव्य सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। विधायक ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बंधाया और इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
आवास पर कुछ देर तक गमगीन माहौल रहा। परिजनों से बातचीत के दौरान विधायक ने उनके दुख को साझा किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
अपनों को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता : सुरेश बैठा
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सुरेश बैठा ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। परिवार के लिए यह बेहद कठिन और पीड़ादायक समय है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
विधायक ने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार स्वयं को अकेला न समझे। समाज और क्षेत्र के लोग उनके साथ हैं। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे परिचित और स्थानीय लोग
सुदिव्य सोनू के पैतृक आवास पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, परिचित और समर्थक पहुंचे। लोगों ने दिवंगत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके साथ बिताए पलों को याद किया। आवास पर मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर शोक की छाया और अपनों को खोने की पीड़ा दिखाई दी।
श्रद्धांजलि के दौरान विधायक सुरेश बैठा के साथ कई स्थानीय लोग एवं समर्थक मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
गम की घड़ी में परिजनों के साथ खड़े दिखे विधायक
विधायक सुरेश बैठा का पैतृक आवास पहुंचना और परिजनों के बीच समय बिताना संवेदना और मानवीय सरोकार का संदेश देता रहा। उन्होंने परिवार की पीड़ा को सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वे उनके साथ खड़े हैं।
सुदिव्य सोनू के निधन ने क्षेत्रवासियों को झकझोर दिया है। पैतृक आवास पर उमड़ी संवेदनाओं की भीड़ ने भी दिवंगत के प्रति लोगों के सम्मान और आत्मीय संबंधों की गवाही दी। गमगीन माहौल में श्रद्धांजलि के फूल चढ़ते रहे और परिजनों को ढांढ़स देने का सिलसिला चलता रहा।

