मुकेश रंजन
Ranchi : वनवासी कल्याण केन्द्र, झारखण्ड प्रांत के प्रांतीय कार्यालय “वनश्री”, वृंदावन कॉलोनी, राँची में प्रांत अध्यक्ष सूदन मुंडा की अध्यक्षता में प्रांतीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास, संगठन विस्तार, सेवा कार्यों की गति तेज करने तथा आगामी कार्यक्रमों की व्यापक कार्ययोजना पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का शुभारम्भ भगवान बिरसा मुंडा, भारत माता, भगवान श्रीरामचन्द्र, पूज्य बालासाहब देशपांडे तथा श्रद्धेय जगदेव राम उराँव के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
बैठक में उत्तर मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रफुल्ल अकान्त, प्रांत अध्यक्ष सूदन मुंडा, प्रांत महामंत्री धनंजय सिंह, संरक्षक देवव्रत पाहन, प्रांत उपाध्यक्ष राजेन्द्र झुनझुनवाला, प्रांत कोषाध्यक्ष पवन मंत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सज्जन सर्राफ, वरिष्ठ कार्यकर्ता कृपा प्रसाद सिंह, प्रांत संगठन मंत्री सुशील मरांडी, प्रांत सह संगठन मंत्री कामेश्वर साहू सहित प्रांतीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी, प्रांत समिति सदस्य, विशेष आमंत्रित एवं आमंत्रित सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत पिछली बैठक की कार्यवाही के वाचन एवं अनुमोदन से हुई। इसके पश्चात सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन तथा संगठन विस्तार के क्षेत्र में गत अवधि के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही आगामी योजनाओं को अधिक प्रभावी, योजनाबद्ध एवं समयबद्ध ढंग से संचालित करने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में राज्यभर में बाल संस्कार केन्द्रों के विस्तार, छात्रावासों के सुदृढ़ संचालन एवं नए छात्रावासों की स्थापना, संगठन को गांव-गांव तक सशक्त बनाने तथा नवीन पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के निर्माण एवं प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सेवा गतिविधियों का व्यापक विस्तार समय की आवश्यकता है।
हाल ही में नई दिल्ली में सम्पन्न जनजाति सुरक्षा मंच के जनजाति सांस्कृतिक समागम की समीक्षा करते हुए इसे जनजातीय समाज के सांस्कृतिक जागरण, धार्मिक एवं सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण तथा संगठनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक आयोजन बताया गया। बैठक में झारखण्ड प्रांत की उल्लेखनीय सहभागिता की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।
बैठक में लोहरदगा स्थित वनवासी कल्याण केन्द्र भवन के उद्घाटन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कार्यक्रम को भव्य, गरिमामय एवं समाजोपयोगी स्वरूप देने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ ही संस्था के वार्षिक अंकेक्षण, आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया तथा वित्तीय पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए गए।
बैठक में दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक सेवा कार्यों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने, संगठन विस्तार को गति देने तथा आगामी कार्यक्रमों को निर्धारित समयसीमा में सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। अंत में अध्यक्ष की अनुमति से समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का समापन वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन तथा भारत माता की जय के उद्घोष के साथ हुआ।



