- झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति के तत्वावधान में विधिवत अनुष्ठान, समाज के लोगों ने किया स्वागत
मुकेश रंजन
रांची। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा के तत्वावधान में रविवार को डोरंडा निवासी आशीष कुजूर की सरना आदिवासी मूल धर्म में वापसी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के अनुसार, आशीष कुजूर ने करीब नौ वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपनाया था। उन्होंने अपनी इच्छा से अपने पुरखा-पुर्वजों की धार्मिक परंपरा में लौटने के लिए समिति को आवेदन दिया था।
समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव के अनुसार, आवेदन स्वीकार किए जाने के बाद रविवार को सरना रीति-रिवाज और परंपरा के अनुसार घर वापसी कार्यक्रम संपन्न कराया गया। पहान कंचन होरो और पुजार बंधन भगत ने पारंपरिक विधि-विधान से अनुष्ठान कराया। इस दौरान सफेद मुर्गे की बलि सहित अन्य पारंपरिक अनुष्ठान किए गए। इसके बाद पैर धोकर शुद्धिकरण की प्रक्रिया कराई गई तथा सरना चाला में पूजा-अर्चना और जल अर्पित कराया गया। समाज के लोगों की मौजूदगी में आशीष कुजूर का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
‘अपनी इच्छा से लौटना चाहते हैं लोग’
समिति अध्यक्ष मेघा उरांव ने कहा कि आशीष कुजूर ने स्वयं अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए मूल धर्म में घर वापसी की पहल की थी। उन्होंने कहा कि समिति के संपर्क में कई अन्य लोग भी आ रहे हैं, जो अपनी इच्छा से आदिवासी मूल धर्म और पारंपरिक रीति-रिवाजों में लौटना चाहते हैं। समिति के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ अन्य परिवारों के लिए भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में परिवार और गांव-समाज के लोगों के अलावा बुधु भगत, राजा लकड़ा, सुनीता कुजूर, मनोरमा भगत, मारया कच्छप, कमला कश्यप, मन्ना कुजूर, समिति अध्यक्ष मेघा उरांव, बिरसा भगत, लुथरु उरांव, जय मंत्री उरांव, फूलमंती उरांव, परनो होरो, कुमुदिनी लकड़ा सहित जनजाति सुरक्षा मंच के संदीप उरांव, सोमा उरांव, सनी उरांव टप्पो, विनोद कच्छप एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।


