ODOP योजना: देश के 773 जिलों में 1,244 उत्पादों की पहचान, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा

New Delhi : केंद्र सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत देश के 773 जिलों में 1,244 खास उत्पादों की पहचान की गई है। योजना का उद्देश्य जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों को प्रशिक्षण, तकनीक, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार उपलब्ध

ODOP योजना: देश के 773 जिलों में 1,244 उत्पादों की पहचान, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा

New Delhi : केंद्र सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत देश के 773 जिलों में 1,244 खास उत्पादों की पहचान की गई है। योजना का उद्देश्य जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों को प्रशिक्षण, तकनीक, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर स्थानीय कारोबार को मजबूत करना है।

ODOP के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे कारीगरों, बुनकरों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ था ODOP मॉडल

ODOP योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश में 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराना था।

योजना के तहत बनारस की साड़ियां, मुरादाबाद का पीतल, भदोही के कालीन, फिरोजाबाद का कांच और सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी जैसे उत्पादों को बढ़ावा मिला।

बाद में केंद्र सरकार ने इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने राज्यों के साथ मिलकर अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान शुरू की।

निर्यात बढ़ाने पर सरकार का जोर

ODOP को ‘डिस्ट्रिक्ट्स ऐज एक्सपोर्ट हब्स’ योजना से भी जोड़ा गया है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार, 734 जिलों में निर्यात की संभावनाओं वाले उत्पादों और सेवाओं की पहचान की गई है।

सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्टेट और डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटियों का गठन किया गया है। अब तक 249 जिला निर्यात कार्य योजनाएं तैयार की जा चुकी हैं।

इन योजनाओं में उत्पादन, गुणवत्ता, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और निर्यात से जुड़े पहलुओं पर काम किया जा रहा है।

GeM पर ODOP के लिए अलग स्टोरफ्रंट

सरकार ने GeM पर ODOP उत्पादों के लिए अलग स्टोरफ्रंट भी तैयार किया है। यहां 500 से अधिक उत्पाद श्रेणियों में 1,300 से ज्यादा उत्पाद उपलब्ध हैं।

इसके अलावा कई राज्यों ने अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी शुरू किए हैं। इससे छोटे कारोबारियों और कारीगरों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।

राष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों और खरीदार-विक्रेता सम्मेलनों के जरिए भी स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार तैयार किए जा रहे हैं।

विदेशी बाजारों में भी पहुंच रहे ODOP उत्पाद

ODOP के तहत भारतीय पारंपरिक उत्पादों को विदेशी बाजारों में भी बढ़ावा दिया जा रहा है। भारतीय दूतावासों में ODOP वॉल बनाई गई हैं और कई देशों में इन उत्पादों की प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं।

सिंगापुर में दो और कुवैत में एक अंतरराष्ट्रीय रिटेल स्टोर पर भारतीय ODOP उत्पादों की बिक्री शुरू हुई है। इसके अलावा विदेशी प्रतिनिधियों को दिए जाने वाले आधिकारिक उपहारों में भी ODOP उत्पादों को शामिल किया जा रहा है।

ODOP योजना के जरिए स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे जिलों को अपनी आर्थिक पहचान मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर आय तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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