Patna : राजधानी पटना में CNG की खपत छह साल में करीब 19 गुना बढ़ गई है। वर्तमान में शहर में प्रतिदिन करीब 1.40 लाख किलो CNG की मांग है। बढ़ती खपत को देखते हुए पटना और आसपास के इलाकों में CNG स्टेशनों और आपूर्ति नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
GAIL India ने करीब सात वर्ष पहले पटना में तीन CNG स्टेशनों से आपूर्ति शुरू की थी। फरवरी 2025 तक पटना और आसपास के क्षेत्रों में 30 स्टेशन संचालित हो रहे थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
छह साल में 19 गुना बढ़ी CNG आपूर्ति
GAIL के महाप्रबंधक एके सिन्हा के अनुसार, वर्ष 2019-20 में पटना में 19 लाख किलो CNG की आपूर्ति हुई थी।
यह मात्रा 2020-21 में 47 लाख किलो, 2021-22 में 1.27 करोड़ किलो, 2022-23 में 2.52 करोड़ किलो और 2023-24 में बढ़कर 3.14 करोड़ किलो हो गई।
वर्ष 2024-25 में CNG आपूर्ति 3.60 करोड़ किलो तक पहुंचने का अनुमान था। इस तरह छह साल में वार्षिक CNG आपूर्ति करीब 19 गुना बढ़ गई।
रोज 1.40 लाख किलो CNG की खपत
वर्तमान में पटना में रोजाना करीब 1.40 लाख किलो CNG की खपत हो रही है। वर्ष 2025 में यह मांग करीब 90 हजार किलो प्रतिदिन थी, जबकि 2024 में प्रतिदिन लगभग 70 हजार किलो CNG की खपत हुई थी।
बढ़ती मांग को देखते हुए शहर और आसपास के क्षेत्रों में नए स्टेशन खोलने के साथ ही आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
हालांकि, शहरी इलाकों में कई CNG पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। बिहटा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी आपूर्ति की समस्या की शिकायत है। उपभोक्ताओं के अनुसार, कई बार पंपों पर घंटों तक CNG उपलब्ध नहीं होने के बोर्ड लगे रहते हैं, जिससे वाहन चालकों को दूसरे स्टेशनों का रुख करना पड़ता है।
नौबतपुर और गर्दनीबाग बने अहम सप्लाई सेंटर
पटना और आसपास के क्षेत्रों में CNG-PNG आपूर्ति के लिए नौबतपुर मदर स्टेशन लंबे समय से प्रमुख आधार रहा है। इसके अलावा गर्दनीबाग में भी मदर CNG स्टेशन विकसित किया गया है।
गर्दनीबाग स्टेशन से गर्दनीबाग, चितकोहरा, अनिसाबाद, बेउर और आसपास के इलाकों में CNG आपूर्ति को आसान बनाने की कवायद की जा रही है।
पटना में 60 हजार से अधिक CNG वाहन
राजधानी में रोजाना 60 हजार से अधिक CNG वाहन चल रहे हैं। इनमें 40 हजार से ज्यादा ऑटो शामिल हैं। इसके अलावा करीब 20 हजार निजी कारें और बस समेत अन्य वाहन भी CNG पर संचालित हो रहे हैं।
पेट्रोल और डीजल की तुलना में अपेक्षाकृत कम लागत और प्रदूषण कम करने की जरूरत के कारण ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों में CNG की मांग बढ़ी है।
मई 2025 में CNG आपूर्ति बाधित होने के दौरान पटना के कई स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। इससे शहर में CNG पर बढ़ती निर्भरता का भी पता चला।










