New Delhi : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ओपनएआई ने अपना पहला एजेंटिक एआई ब्राउज़र ‘एटल्स’ लॉन्च कर दिया है, जो पारंपरिक ब्राउज़र से कहीं अधिक स्मार्ट है। इस ब्राउज़र की खासियत यह है कि यह सिर्फ निर्देश नहीं मानता, बल्कि खुद फैसले लेकर काम भी करता है।
एटल्स ब्राउज़र दिखने में भले ही गूगल क्रोम जैसा हो, लेकिन इसकी असली ताकत इसके भीतर मौजूद एआई एजेंट है। यह एजेंट यूज़र की जरूरत को समझकर अपने आप वेब सर्च करता है, ईमेल ड्राफ्ट करता है, फॉर्म भरता है, मीटिंग शेड्यूल करता है और यहां तक कि ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकता है।
एजेंटिक एआई तकनीक के जरिए अब यूज़र को माउस क्लिक और टाइपिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस निर्देश दीजिए और सिस्टम खुद पूरा काम करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कंप्यूटिंग मॉडल में पिछले 30 वर्षों का सबसे बड़ा बदलाव है।
एटल्स लॉन्च के एक दिन बाद ही ओपनएआई ने एप्पल के प्रसिद्ध ऑटोमेशन ऐप ‘वर्कफ्लो’ बनाने वाली स्काई टीम का अधिग्रहण कर लिया। अब यह टीम मैकबुक और कंप्यूटर के लिए लोकल एआई ऑटोमेशन सिस्टम विकसित कर रही है, जिससे कंप्यूटर पूरी तरह स्मार्ट सहायक बन जाएगा।
तकनीकी जानकारों के मुताबिक, एआई ब्राउज़र की इस रेस ने गूगल को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है। आने वाले समय में कंप्यूटर सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि इंसानों का इंटेलिजेंट पार्टनर बन सकता है।



