पश्चिमी सिंहभूम में राशन कार्ड की जांच तेज, 6 माह से राशन नहीं लेने वाले कार्ड होंगे निष्क्रिय

पश्चिमी सिंहभूम में राशन कार्डों की जांच तेज होगी। 1 अक्टूबर से स्मार्ट-पीडीएस के तहत छह माह से राशन नहीं लेने वाले कार्ड निष्क्रिय किए जाएंगे।
6 माह से राशन नहीं लेने वाले कार्ड होंगे निष्क्रिय
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Jharkhand: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में राशन कार्डों की जांच को लेकर प्रशासन ने लाभुकों को सतर्क किया है। सरकार की नई स्मार्ट-पीडीएस व्यवस्था के तहत अब लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले राशन कार्डों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय किया जाएगा। यह नई व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।

प्रशासन के अनुसार, नई प्रणाली के जरिए निष्क्रिय राशन कार्डों के साथ-साथ एक से अधिक राशन कार्ड में दर्ज लाभुकों यानी डुप्लीकेट लाभुकों की भी पहचान की जाएगी। ऐसे में राशन कार्डधारियों के लिए समय रहते अपनी ई-केवाईसी और कार्ड की स्थिति की जांच कराना जरूरी हो गया है।

छह महीने तक राशन नहीं लिया तो कार्ड होगा निष्क्रिय

नई व्यवस्था के तहत जिन राशन कार्डों से लगातार छह महीने तक खाद्यान्न का उठाव नहीं किया गया है, उन्हें निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

प्रशासन के मुताबिक ऐसे कार्डों को हर महीने की 21 तारीख को निष्क्रिय किया जाएगा। इसका असर अगले महीने की पहली तारीख से लागू होगा।

इसका मतलब है कि जिन परिवारों ने लंबे समय से राशन नहीं लिया है, उन्हें अपने राशन कार्ड की स्थिति को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी।

तीन महीने में ई-केवाईसी कराना होगा जरूरी

निष्क्रिय किए गए राशन कार्ड के लाभुकों को राहत के तौर पर अपनी पात्रता साबित करने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें तीन महीने के भीतर ई-केवाईसी और आवश्यक सत्यापन कराना होगा।

यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो संबंधित राशन कार्ड को स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।

लाभुकों को क्या करना चाहिए?

राशन कार्डधारियों को किसी परेशानी से बचने के लिए समय रहते ये काम कर लेने चाहिए—

  • राशन कार्ड की वर्तमान स्थिति की जांच करें।
  • ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराएं।
  • आधार और राशन कार्ड में दर्ज जानकारी का मिलान सुनिश्चित करें।
  • जरूरत पड़ने पर राशन डीलर या उचित मूल्य दुकान से जानकारी लें।
  • ई-केवाईसी के लिए नजदीकी प्रज्ञा केंद्र की मदद ली जा सकती है।

डुप्लीकेट राशन कार्ड की भी होगी पहचान

स्मार्ट-पीडीएस प्रणाली में आधार आधारित डेटा मिलान के जरिए ऐसे लाभुकों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम एक से अधिक राशन कार्ड में दर्ज है।

डुप्लीकेट प्रविष्टि मिलने पर संबंधित लाभुक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना भेजी जाएगी। इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

यदि लाभुक पात्र पाया जाता है, तो उसका नाम सही राशन कार्ड से जोड़ा जाएगा और दूसरे राशन कार्ड से उसकी प्रविष्टि हटाई जाएगी।

पात्र लाभुकों को परेशानी से बचाने की अपील

जिला प्रशासन ने राशन कार्डधारियों से अपील की है कि वे आखिरी समय का इंतजार न करें। अपने राशन कार्ड और ई-केवाईसी की स्थिति पहले ही जांच लें। किसी तरह की समस्या होने पर उचित मूल्य दुकान, संबंधित राशन डीलर या प्रज्ञा केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ वास्तविक और पात्र लाभुकों तक पहुंचता रहे। साथ ही निष्क्रिय कार्ड और दोहरी प्रविष्टियों को हटाकर राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।

पश्चिमी सिंहभूम राशन कार्ड: मुख्य बातें

  • नई व्यवस्था लागू: 1 अक्टूबर 2026 से
  • छह माह तक राशन नहीं उठाने वाले कार्ड: निष्क्रिय किए जाएंगे
  • निष्क्रिय करने की तारीख: प्रत्येक माह की 21 तारीख
  • प्रभावी तारीख: अगले महीने की 1 तारीख
  • ई-केवाईसी की समय सीमा: तीन महीने
  • डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान: आधार आधारित मिलान से
  • ई-केवाईसी की सुविधा: राशन डीलर, उचित मूल्य दुकान और प्रज्ञा केंद्र
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