- सिदरोल मोड़–चकमे–बड़का मुरू–उमेदंडा पथ निर्माण कार्य पर ग्रामीणों का आरोप, बिना सूचना पट्ट के हो रहा निर्माण; जांच की उठी मांग
मुकेश रंजन
Ranchi : बुढ़मू प्रखंड में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन सिदरोल मोड़ से चकमे, बड़का मुरू होते हुए उमेदंडा कंडेर मोड़ तक बनने वाली सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। स्थिति यह है कि सड़क निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही पहली बरसात में जगह-जगह सड़क उखड़ने लगी है और परतें टूटकर बिखर रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान ही उन्होंने कार्य की निगरानी कर रहे इंजीनियरों एवं संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता में सुधार करने की मांग की थी। बावजूद इसके निर्माण कार्य में कोई सुधार नहीं किया गया। अब पहली ही बारिश में सड़क की परत उखड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की निर्माण एजेंसी MSP Constructions द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पालन नहीं किया गया। सड़क निर्माण के साथ-साथ कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होती दिखाई दे रही है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल:
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के मुद्दे पर न तो किसी ने प्रभावी पहल की और न ही गुणवत्ता की जांच की मांग को लेकर कोई ठोस कदम उठाया। इससे संवेदकों को मनमानी करने का अवसर मिल रहा है और अंततः इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
निर्माण स्थल पर सूचना पट्ट तक नहीं:
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बुढ़मू प्रखंड के कई स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर निर्माण संबंधी सूचना पट्ट (डिस्प्ले बोर्ड) तक नहीं लगाया गया है। इससे निर्माण की लागत, एजेंसी, स्वीकृति एवं समय-सीमा जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं हो पा रही हैं, जिससे पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।
जांच और कार्रवाई की मांग :
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं पथ निर्माण विभाग से सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित संवेदक एवं अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली सड़कों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।



