- नेपाल में आई बाढ़ के बाद साहिबगंज प्रशासन अलर्ट पर है। गंगा खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही है, दियारा क्षेत्रों में कटाव और पलायन शुरू है।
Sahebganj : नेपाल में आई बाढ़ के बाद झारखंड सरकार अलर्ट मोड में है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन लगातार दियारा क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहा है। गंगा की सहायक नदियों गंडक और कोसी में पानी बढ़ने के कारण गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
जिला प्रशासन दियारा क्षेत्र का लगातार दौरा कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर लौटने की अपील कर रहा है। प्रभावित लोगों और उनके मवेशियों के ठहरने के लिए सेंटर बनाए गए हैं, जहां खाने-पीने और दवा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
गंगा में कटाव से दर्जनों घर नदी में समाए
सदर प्रखंड के कारगिल दियारा में गंगा नदी का कटाव जारी है। कटाव के कारण दर्जनों घर गंगा की गोद में समा गए हैं।
दियारा क्षेत्र जलमग्न होने लगा है और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि संभावित बाढ़ से जानमाल की क्षति को कम किया जा सके।
खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही गंगा
गुरुवार को गंगा नदी खतरे के निशान 27.25 मीटर से 58 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर 27.85 मीटर दर्ज किया गया।
हालांकि गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार में कुछ कमी आई है, लेकिन नेपाल का पानी बिहार की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद गंगा में पानी बढ़ने पर साहिबगंज में भी इसका असर पड़ सकता है। साहिबगंज से सटे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका है।
माइकिंग कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
जिला प्रशासन दियारा क्षेत्रों में माइकिंग के जरिए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है। प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए राहत केंद्र तैयार किए गए हैं।
सदर एसडीओ अमर जान आइंद ने बताया कि माइकिंग के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लौटने के लिए कहा जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए आवश्यक सेंटर भी बनाए गए हैं।



