मुख्य संवाददाता
Ranchi :झारखंड की माटी में जन्मे आंदोलन के अमर शेर स्व. दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर लोवाडीह स्मारक स्थल एक बार फिर संघर्ष और श्रद्धा की प्रतीक भूमि बन गई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता समान मार्गदर्शक और झामुमो के मजबूत स्तंभ रहे दुर्गा दा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा –
दुर्गा दा सिर्फ नाम नहीं थे, वे झारखंड आंदोलन की आत्मा थे। उनका सपना ही आज हमारा संकल्प है।
दुर्गा दा की सोच ही झारखंड की रचना है– सीएम का भावुक संबोधन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, दुर्गा सोरेन ने जल, जंगल, जमीन और जन के हक की लड़ाई को अपनी अंतिम सांस तक जिया।
हम उनके दिखाए रास्ते पर चलकर समृद्ध और न्यायपूर्ण झारखंड का निर्माण करेंगे।
श्रद्धांजलि सभा बनी जनआंदोलन का मंच – जनसमूह में उमड़ा उत्साह
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे झामुमो कार्यकर्ता, ग्रामीण, आदिवासी समुदाय और युवा संगठन, दुर्गा दा को नमन करने उमड़ पड़े।
पूरे स्मारक परिसर में गूंजते रहे नारे –
दुर्गा दा अमर रहें!
झारखंड आंदोलन जिंदाबाद!
कार्यकर्ताओं ने दोहराया संकल्प – “अब उनके अधूरे ख्वाब पूरे होंगे
कार्यकर्ताओं ने कहा –दुर्गा दा ने जो सपना देखा, अब उसे पूरा करना ही हमारी राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।
हम उनके पदचिह्नों पर चलकर हर शोषण और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाएंगे।
एक जीवन, जो बना विचारों की लौ – झारखंड आंदोलन की प्रेरणा
स्व. दुर्गा सोरेन का जीवन त्याग, संघर्ष और नेतृत्व का प्रतीक रहा।
उन्होंने राज्य की मांग को जन-जन का आंदोलन बनाया और आदिवासी पहचान को देशभर में गरिमा दिलाई।
नेताओं की मौजूदगी ने दी कार्यक्रम को ऐतिहासिकता
झामुमो रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमुख थे:
पवन जेडीया, अश्विनी शर्मा, डॉ. हेमलाल मेहता, बीरू तिर्की, झब्बू लाल महतो, सोनू मुंडा, समनूर मंसूरी, तालकेश्वर महतो, अरुण वर्मा, बबलू राम, संजय राय, शांति तिर्की, विलियम रिचर्ड लकड़ा,
साथ ही इरफान, मुस्लिम अंसारी, ओमकार राय, विजय रविदास, कासिफ रज़ा, सतीश, मनीष , नितेश सिन्हा, ललित लिंडा, नीरज सहित अनेक समर्पित कार्यकर्ता।
पुण्यतिथि नहीं, आंदोलन का नवजागरण बना यह दिन
दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि सिर्फ एक स्मरण नहीं रही – यह बन गई झारखंड आंदोलन की पुनः प्रज्वलित चिंगारी।
हर श्रद्धांजलि, हर नारा और हर आंख में आज भी जीवित थे – दुर्गा दा।
दुर्गा सोरेन हमारे आदर्श हैं – जब तक यह धरती है, उनका आदर्श जीवित रहेगा। – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन



