Patna : राजधानी पटना में पटना जंक्शन पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे हार्डिंग पार्क पैसेंजर टर्मिनल का निर्माण कार्य 14 महीने बाद भी अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था। परियोजना के पहले चरण को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक 10 प्रतिशत से भी कम कार्य पूरा हो पाया है।
पहले चरण पर खर्च होंगे 95 करोड़ रुपये
करीब 95 करोड़ रुपये की लागत वाले पहले चरण में जी+4 स्टेशन भवन, जी+6 भवन, सबवे, फुटओवर ब्रिज, सिग्नल एवं दूरसंचार (एसएंडटी) भवन, बाउंड्री वॉल और पांच प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाना है।
इसके अलावा सभी प्लेटफॉर्म और पांचों रेल लाइनों को मेट्रो और एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक कवर शेड से ढकने की योजना है, ताकि यात्रियों को बेहतर और अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी
निर्माण स्थल की मौजूदा स्थिति योजना के अनुरूप नहीं दिख रही है। बाउंड्री वॉल का निर्माण अभी भी अधूरा है। कुछ स्थानों पर केवल मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य हुआ है, जबकि कवर शेड का एक भी पिलर अब तक नहीं लगाया गया है।
निर्माण के लिए लाई गई कई मशीनें हार्डिंग पार्क मैदान में खड़ी हैं, लेकिन अधिकांश हिस्सों में काम लगभग ठप पड़ा हुआ है।
तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से हो रही देरी
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इंजीनियरिंग सर्विस प्लान को अंतिम मंजूरी नहीं मिलना और वॉशिंग पिट लाइन के कारण नई रेल लाइन बिछाने में तकनीकी बाधाएं आ रही हैं।
इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी भी परियोजना में देरी का प्रमुख कारण मानी जा रही है।
रेलवे महाप्रबंधक ने जताई थी नाराजगी
पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने 30 अप्रैल को समीक्षा बैठक के दौरान परियोजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने ट्रैक लिंकिंग, बाउंड्री वॉल, ब्रिज एक्सटेंशन और एसएंडटी भवन सहित पहले चरण के कार्यों में 10 दिनों के भीतर तेजी लाने के निर्देश दिए थे। साथ ही दूसरे चरण का डिजाइन जल्द तैयार करने को भी कहा था।
हालांकि, इन निर्देशों के बाद भी निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आई है। केवल बाउंड्री वॉल के निर्माण में कुछ प्रगति देखने को मिली है।
लागत बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परियोजना में इसी तरह देरी होती रही तो इसकी कुल लागत में करीब 15 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।
समय पर निर्माण पूरा नहीं होने से पटना जंक्शन पर यात्री दबाव कम करने की रेलवे की योजना भी फिलहाल अधर में लटकी हुई नजर आ रही है।










