Ranchi : जगरनाथपुर मंदिर में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान हुई दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके में आक्रोश और संवेदना की लहर पैदा कर दी है। बुधवार को झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के अध्यक्ष सह जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शहीद बिरसा मुंडा के परिजनों से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सोमा उरांव ने घटना को सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि मंदिर में चोरी की नीयत से घुसे असामाजिक तत्वों ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया, जो अब प्रशासन की गिरफ्त में हैं। उन्होंने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई ही समाज में विश्वास बहाल कर सकती है।
उन्होंने राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन समिति से मांग की कि पीड़ित परिवार के कम से कम दो सदस्यों को नौकरी देकर आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले को लेकर वे रांची उपायुक्त, मंदिर प्रबंधन समिति और संबंधित अधिकारियों से मिल चुके हैं, जहां से परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन मिला है।
सोमा उरांव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में लगातार आदिवासियों पर हमले बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
उन्होंने इस मुद्दे पर भ्रामक आरोप लगाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने आरोपों का प्रमाण प्रस्तुत करें, अन्यथा सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। समाज को विभाजित करने वाली राजनीति से दूर रहने की भी उन्होंने अपील की।
इस मौके पर सन्नी टोप्पो ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने कर्तव्य और धर्म की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। दुख की इस घड़ी में पूरा समाज उनके परिवार के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल में विश्वकर्मा पहान एवं जगरनाथपुर सरना समिति के अध्यक्ष राजू उरांव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



