बंधु तिर्की पर सोमा उरांव का तीखा हमला, बोल,उनकी कथनी और करनी में अंतर, समाज को ऐसे दोहरे चरित्र वाले लोगों से सतर्क रहने की जरूरत

धर्मांतरण और आदिवासी पहचान के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज, सोमा उरांव ने बंधु तिर्की की भूमिका पर उठाए सवाल रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने बंधु तिर्की पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उनकी विचारधारा और सार्वजनिक भूमिका पर सवाल

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  • धर्मांतरण और आदिवासी पहचान के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज, सोमा उरांव ने बंधु तिर्की की भूमिका पर उठाए सवाल

रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने बंधु तिर्की पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उनकी विचारधारा और सार्वजनिक भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंधु तिर्की आदिवासी समाज के बीच अपनी अलग-अलग छवि प्रस्तुत करते हैं। सोमा उरांव ने समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी भी व्यक्ति के बयानों और दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय उसकी कथनी और करनी का आकलन करें।

सोमा उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, परंपरा, संस्कृति और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की राजनीतिक अवसरवादिता स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग समाज के संवेदनशील मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करते हैं।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक अस्तित्व के प्रति जागरूक रहना होगा। समाज के लोगों को किसी भी राजनीतिक बयान या व्यक्तिगत आरोप के आधार पर नहीं, बल्कि तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी राय बनानी चाहिए।

सोमा उरांव के इस बयान के बाद आदिवासी पहचान और धर्मांतरण से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, बंधु तिर्की की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले का दूसरा पक्ष स्पष्ट हो सकेगा।

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