Patna : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण देने और विश्वस्तरीय मंच उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि 15 सितंबर से राज्य की प्रत्येक पंचायत में विशेष खेल प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से उभरने वाली प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम, राजवंशीनगर में खेल विभाग द्वारा आयोजित ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत नियुक्ति-पत्र एवं खेल छात्रवृत्ति चयन-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
19 खिलाड़ियों को मिले नियुक्ति-पत्र
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आकाश दीप और मुकेश कुमार सहित कुल 19 खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। दोनों क्रिकेटरों को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्त किया गया। वहीं एथलीट पियूष राज को पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) बनाया गया। इसके अलावा पांच पैरा खिलाड़ियों समेत विभिन्न खेल विधाओं के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी सरकारी नियुक्ति मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार बिहार में किसी खिलाड़ी को डीएसपी जैसे उच्च पद पर नियुक्ति दी गई है। इससे युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मान मिलेगा।
पंचायत स्तर पर होगी प्रतिभाओं की खोज
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितंबर से प्रत्येक पंचायत में खेल प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने 5,000 खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया है, जिससे गांव-गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में खेल सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। पटना के मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास किया जा रहा है और इसके संचालन की जिम्मेदारी बीसीसीआई को सौंपी गई है। लगभग 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है तथा बिहार में तीन विश्व कप स्तर की प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन हो चुका है, जिससे राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
खिलाड़ियों को सम्मान और छात्रवृत्ति
कार्यक्रम में खेल सम्मान योजना के तहत एथलीट सेतु मिश्रा को एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण और रजत पदक जीतने पर 37.50 लाख रुपये, विभास्कर कुमार को भारत का प्रतिनिधित्व करने पर 2 लाख रुपये तथा शतरंज खिलाड़ी मरियम फातिमा को कॉमनवेल्थ यूथ शतरंज चैंपियनशिप-2026 में कांस्य पदक जीतने पर 9 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने उत्कर्ष, सक्षम और प्रेरणा स्कॉलरशिप योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। बिहार खेल छात्रवृत्ति योजना-2026 के अंतर्गत इस वर्ष 637 खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। इनमें 21 खिलाड़ी उत्कर्ष, 184 सक्षम और 432 प्रेरणा श्रेणी में शामिल हैं। प्रेरणा योजना के तहत चयनित 432 खिलाड़ियों में से 269 खिलाड़ियों का चयन राज्यव्यापी मशाल प्रतिभा खोज कार्यक्रम के माध्यम से किया गया है।
खिलाड़ियों से किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि बिहार को राष्ट्रीय खेलों में अग्रणी राज्य बनाना होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व कप और आईपीएल जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।
समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद तथा बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, खेल विभाग के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।


