मुकेश रंजन
Ranchi : नौ दिनों तक श्रद्धा, आस्था और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ रथ यात्रा महोत्सव शांतिपूर्ण एवं सफल समापन के साथ संपन्न हो गया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा (रांची) के 300 से अधिक महिला एवं पुरुष स्वयंसेवकों ने हरी पट्टी पहनकर पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और सेवा कार्यों में समिति के स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी पूरे महोत्सव के दौरान आकर्षण का केंद्र रही।
समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने बताया कि उनकी समिति पिछले 23 वर्षों से लगातार निस्वार्थ भाव से रथ यात्रा महोत्सव में सेवा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सेवा ही समिति की सबसे बड़ी पहचान है और स्वयंसेवकों का समर्पण ही इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं के अनुशासन, सेवा भावना और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि समाज और धर्म के प्रति यही निष्ठा समिति की सबसे बड़ी ताकत है।
महोत्सव को सफल बनाने में बिरसा भगत, रंजन कुमार, रिंकू महली, सूरज मित्रा, लुथरु उरांव, जयमंत्री, मानसय उरांव, कुमूदिनी लकड़ा, नीलम तिर्की, डॉ. बुटन महली, रोपनी मिंज, विनोद उरांव, रामा उरांव, संध्या देवी, रूपेश बाखला, किरण देवी, राजकुमारी देवी, बबलू उरांव, रोशन कुमार, संदीप कुमार, प्रजापति, डोली कुमारी, पूजा देवी, रितिका मिंज, नितेश ठाकुर, अजय कुमार, वीरू नायक, रवि महली, संतोष कुमार, पुनीत केरकेटा, अभय कुमार सोनी, मालती सिंह, वीरेंद्र प्रमाणिक, मुन्नी देवी, राजू उरांव, अजीत उरांव, पंकज भगत, राम उरांव सहित अनेक स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।
समिति ने महोत्सव के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, प्रशासन, पुलिस और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी इसी समर्पण और सेवा भावना के साथ समाज एवं धर्म की सेवा का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।


