New Delhi : भारत के कई शहरों में तेज बारिश के बाद घंटों तक जलभराव की समस्या बनी रहती है, जबकि अमेरिका के कई शहरों में मूसलाधार बारिश के कुछ ही मिनटों बाद सड़कें सामान्य और लगभग सूखी नजर आने लगती हैं। आखिर ऐसा कैसे संभव होता है? शिकागो में रहने वाली भारतीय महिला गुंजन देवड़ा ने एक वायरल वीडियो के जरिए इसके पीछे की वजह समझाई है।
गुंजन के अनुसार, अमेरिका की सड़कों की डिजाइन, स्टॉर्म ड्रेन और भूमिगत जल निकासी नेटवर्क मिलकर बारिश के पानी को तेजी से निकाल देते हैं, जिससे सड़कों पर पानी जमा नहीं हो पाता।
हल्की ढलान वाली सड़कें बनती हैं मददगार
वीडियो में बताया गया है कि अमेरिका की अधिकांश सड़कें हल्की ढलान (स्लोप) के साथ बनाई जाती हैं। इसके कारण बारिश का पानी सड़क पर रुकने के बजाय स्वतः किनारों की ओर बहने लगता है। सड़क किनारे निर्धारित दूरी पर बने स्टॉर्म ड्रेन इस पानी को तुरंत भूमिगत पाइप नेटवर्क में पहुंचा देते हैं।
छतों का पानी भी पहुंचता है ड्रेनेज सिस्टम में
गुंजन के मुताबिक, अमेरिका के अधिकांश घरों की छतों पर डाउनस्पाउट (वर्षा जल निकासी पाइप) लगाए जाते हैं। इन पाइपों के जरिए बारिश का पानी नीचे आता है। कई घरों में ये पाइप सीधे भूमिगत ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े होते हैं, जबकि अन्य स्थानों पर पानी पहले सड़क तक पहुंचता है और फिर स्टॉर्म ड्रेन के माध्यम से अंडरग्राउंड पाइपलाइन में चला जाता है।
सड़क किनारे लगे लोहे के ढक्कनों का यही है काम
सड़क किनारे दिखाई देने वाले लोहे के जालीनुमा ढक्कनों को स्टॉर्म ड्रेन या फ्लड ड्रेन कहा जाता है। बारिश का सतही पानी सबसे पहले इन्हीं ड्रेनों में जाता है, जहां से भूमिगत पाइपों के जरिए उसे तेजी से आगे बढ़ा दिया जाता है। यही व्यवस्था सड़कों पर जलभराव रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वर्षा जल और सीवर का अलग नेटवर्क
गुंजन ने बताया कि अमेरिका के कई शहरों में वर्षा जल और सीवर के गंदे पानी के लिए अलग-अलग पाइपलाइन बनाई गई हैं। इससे बारिश का अपेक्षाकृत साफ पानी सीवर में नहीं जाता, बल्कि नदियों, झीलों या अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों तक पहुंचाया जाता है। इससे सीवेज सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और जल निकासी की क्षमता बनी रहती है।
अच्छी शहरी योजना का परिणाम
गुंजन के अनुसार, अमेरिका का पूरा ड्रेनेज सिस्टम जमीन के नीचे काम करता है। सड़कों की वैज्ञानिक डिजाइन, हल्की ढलान, पर्याप्त संख्या में स्टॉर्म ड्रेन और अलग वर्षा जल निकासी नेटवर्क मिलकर भारी बारिश के बाद भी कुछ ही मिनटों में पानी निकाल देते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर कई लोगों ने अमेरिका के ड्रेनेज सिस्टम की सराहना की, जबकि कुछ यूजर्स ने कहा कि भारत को भी बेहतर शहरी योजना और जल निकासी व्यवस्था से सीख लेनी चाहिए।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शहर में जलभराव केवल ड्रेनेज सिस्टम पर निर्भर नहीं करता। बारिश की तीव्रता, भौगोलिक स्थिति, शहरी नियोजन, निर्माण गुणवत्ता और नियमित रखरखाव जैसे कई अन्य कारक भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फिर भी यह उदाहरण बताता है कि सुनियोजित ड्रेनेज व्यवस्था भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम कर सकती है।



