सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर हुए कथित हमले को लेकर केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है। जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी में आयोजित सभा में शामिल होने से पहले रविवार सुबह बागडोगरा एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस घटना को “बर्बर” और “लोकतंत्र पर सीधा हमला” करार दिया।
सुकांत मजूमदार ने कहा कि शनिवार रात झाड़ग्राम से लौटते समय शुभेंदु अधिकारी पर हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचलने की कोशिश है, जिसे भाजपा कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं—कभी नेता प्रतिपक्ष की गाड़ी रोकी जाती है, तो कभी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के काफिले पर हमला किया जाता है।
“सहानुभूति की राजनीति करना चाहती हैं ममता”
सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां बना रही हैं, ताकि केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा सके और फिर सहानुभूति के आधार पर सत्ता में वापसी की जा सके। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस बार बंगाल की जनता ने मन बना लिया है और तृणमूल कांग्रेस की विदाई तय है।
चुनाव आयोग से सख्त कदम उठाने की मांग
उन्होंने कहा कि बंगाल में आतंक और भय का माहौल खत्म करने के लिए चुनाव आयोग को कड़े कदम उठाने होंगे। जरूरत पड़ी तो अभी से केंद्रीय बलों की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि आगामी चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराए जा सकें।
टीएमसी के वीडियो पर सवाल
शुभेंदु अधिकारी की घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी किए गए वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा कि यदि किसी सुरक्षित व्यक्ति पर हमला होता है, तो उसकी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी उसे बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने सवाल किया कि विरोध के नाम पर किसी नेता पर लाठियों से हमला करना क्या लोकतांत्रिक आंदोलन कहा जा सकता है?
बकाया राशि को बताया “डेली ड्रामा”
बकाया राशि के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को उन्होंने “डेली ड्रामा” बताया और कहा कि पैसा मांगने से पहले हिसाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है और यही कारण है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार सामने आ रही है।
सुकांत मजूमदार ने दोहराया कि मुख्यमंत्री भय का वातावरण बनाना चाहती हैं, लेकिन बंगाल की जनता डरने वाली नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव जरूर लाएगी।






