Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला- अवैध शादियों से पैदा संतान भी पैतृक संपत्ति की हकदार

New Delhi। Supreme Court ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि अवैध शादियों से पैदा हुई संतान भी अपने माता-पिता की अर्जित संपत्ति के साथ-साथ पैतृक संपत्ति की अधिकारी है। Chief Justice डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक मामले पर सुनवाई करते

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New Delhi। Supreme Court ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि अवैध शादियों से पैदा हुई संतान भी अपने माता-पिता की अर्जित संपत्ति के साथ-साथ पैतृक संपत्ति की अधिकारी है। Chief Justice डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया।

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कोर्ट ने कहा कि अवैध विवाह से पैदा हुए बच्चों को भी माता-पिता के साथ ही पैतृक सम्पत्ति में भी हक मिलेगा। हालांकि यह व्यस्था संयुक्त हिन्दू परिवारों के लिए होगी। कोर्ट ने हिन्दू मैरिज एक्ट की धारा 16(3) का दायरा बढ़ाते हुए नई व्यवस्था दी जिसमें कहा गया कि ऐसे बच्चों को भी वैध कानूनी वारिसों के साथ पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिल सकेगा जिनका जन्म अवैध विवाह या विवाह शून्य हुआ हो। कोर्ट ने यह फैसला 11 साल बाद मामले का निपटारा करते हुए दिया।

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