ग्लेशियर फटने से तबाही, 1000 लोगों के बहने की आशंका

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now तिब्बत में ग्लेशियर फटने के बाद नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही की खबर है। 1000 से अधिक लोगों के बहने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई

तिब्बत ग्लेशियर फटने से नेपाल में तबाही, 1000 लोगों के बहने की आशंका
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  • तिब्बत में ग्लेशियर फटने के बाद नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही की खबर है। 1000 से अधिक लोगों के बहने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Tibbat : नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को तिब्बत में ग्लेशियर फटने के बाद अचानक बाढ़ आने की खबर से भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ का असर स्याफ्रूबेसी और टिमुरे इलाकों में बताया गया है, जहां 1000 से अधिक लोगों के बहने की आशंका है। हालांकि, इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ग्लेशियर फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं के भी इसकी चपेट में आने की खबर है।

स्याफ्रूबेसी और टिमुरे में बाढ़ से नुकसान

बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि नदी किनारे बसे इलाकों के साथ-साथ कई परियोजना स्थल भी प्रभावित हुए हैं। तिब्बत से निकलने वाली भोटे कोशी नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी में मिलती है।

इस नदी का पानी भारत पहुंचने के बाद गंडक नदी के रूप में आगे बढ़ता है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार के नदी किनारे बसे इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है।

नेपाल सरकार अलर्ट, राहत और बचाव के आदेश

ग्लेशियर फटने और बाढ़ की खबर सामने आने के बाद नेपाल सरकार अलर्ट हो गई है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस, सेना और बचाव टीमों को भेजने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों ने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

पिछले साल भी इसी इलाके में आई थी विनाशकारी बाढ़

रसुवा क्षेत्र में पिछले साल भी विनाशकारी बाढ़ आई थी। इस बार फिर अचानक आई बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने नेपाल के अधिकारियों के हवाले से बताया कि बाढ़ के कारण नदी किनारे बसे गांवों और प्रोजेक्ट साइट्स को नुकसान पहुंचा है। रसुवा के जिला प्रशासक नरेंद्र परियार ने कहा कि जान-माल के नुकसान का सटीक आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने जानमाल की हानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया है। प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन किया जा रहा है और राहत-बचाव कार्य जारी है।

बिहार के नदी किनारे इलाकों पर भी नजर

नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद बिहार प्रशासन भी सतर्क है। क्योंकि भोटे कोशी और त्रिशूली नदी का जल प्रवाह आगे चलकर गंडक नदी प्रणाली से जुड़ता है।

ऐसे में बिहार के नदी किनारे बसे इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक नेपाल में 1000 से अधिक लोगों के बहने की आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

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