Bihar: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बाघ के हमले से एक महिला की मौत हो गई। घटना मदनपुर वनक्षेत्र के नौरंगिया थाना इलाके के सिरिसिया गांव स्थित महजिदिया सरेह की है। बताया जा रहा है कि महिला अपने खेत में मवेशियों के लिए घास काट रही थी। इसी दौरान पास के गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के ग्रामीणों में बाघ को लेकर डर का माहौल है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। वनकर्मी बाघ की गतिविधियों का पता लगाने में जुटे हैं।
गन्ने के खेत से अचानक निकला बाघ
जानकारी के मुताबिक, मृतका जरलहिया सिरिसिया गांव की रहने वाली थी। वह अपने धान के खेत में बैठकर मवेशियों के लिए घास काट रही थी। इसी दौरान नजदीक स्थित गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले के बाद महिला ने शोर मचाया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रही कुछ महिलाएं वहां पहुंचीं। उन्होंने बाघ को महिला को लेकर जाते हुए देखा। बाघ को सामने देखकर महिलाएं घबरा गईं और शोर मचाते हुए पीछे हट गईं। महिलाओं के शोर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर बाघ को भगाने की कोशिश की। लोगों के पहुंचने और शोर बढ़ने पर बाघ महिला को छोड़कर गन्ने के खेत की ओर चला गया।
पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची
ग्रामीणों ने घटना की जानकारी मदनपुर वनक्षेत्र कार्यालय और नौरंगिया थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वनकर्मियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया। वहीं वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास बाघ की मौजूदगी से जुड़े संकेतों की जानकारी जुटाई। मदनपुर वनक्षेत्र अधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि महजिदिया सरेह में बाघ के हमले से महिला की मौत की जानकारी मिली है। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की ओर से दिए जाने वाले आवेदन के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
परिवार को मिलेगा नियमानुसार मुआवजा
वनक्षेत्र अधिकारी के अनुसार, मामले में नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। फिलहाल वन विभाग की टीम इलाके में बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
खेतों में जाने से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
बाघ के हमले की घटना के बाद सिरिसिया और आसपास के गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों के बीच डर का माहौल है। खासकर गन्ने और अन्य ऊंची फसल वाले खेतों में जाने को लेकर ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। वन विभाग की टीम बाघ की मौजूदगी और उसके मूवमेंट का पता लगाने में लगी हुई है।
पश्चिम चंपारण में तेंदुए की भी तलाश जारी
इधर, पश्चिम चंपारण में एक तेंदुए की तलाश भी जारी है। जानकारी के अनुसार, वीटीआर से भटककर आए इस तेंदुए को बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर देखे जाने की सूचना मिली है। इसके बाद दोनों राज्यों के वनकर्मी उसकी ट्रैकिंग और निगरानी कर रहे हैं। बीते दिनों पिपरासी के केरवनिया टोला में तेंदुए ने एक कुत्ते का शिकार किया था। इसके बाद ग्रामीणों ने आसपास तेंदुआ देखे जाने की जानकारी वन विभाग को दी। विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजड़ा लगाया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के जटहा बाजार थाना क्षेत्र के माघी कोठिलवा और धूमनगर गांव में भी तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिली। वनकर्मियों को इन इलाकों में उसके पगमार्क भी मिले थे। यूपी वन विभाग की टीम ने गांव में कैंप कर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।
ग्रामीणों से वन विभाग की अपील
पिपरासी के केरवनिया टोला में लगाए गए पिंजड़े की निगरानी वन विभाग के कर्मचारियों और टाइगर ट्रैकर्स द्वारा की जा रही है। दिन के समय चरवाहों, किसानों और मजदूरों से भी तेंदुए की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगली जानवर दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि टीम सुरक्षित तरीके से आवश्यक कार्रवाई कर सके।



