अशोक सिंघल के संकल्पों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि : अम्बरीष

जन्म शताब्दी समारोह में राष्ट्र, समाज और सांस्कृतिक चेतना पर जोर, कारसेवक सम्मानित रांची : विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री अम्बरीष ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल ने हिंदू समाज के सांस्कृतिक जागरण और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपना

अशोक सिंघल के संकल्पों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि : अम्बरीष
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  • जन्म शताब्दी समारोह में राष्ट्र, समाज और सांस्कृतिक चेतना पर जोर, कारसेवक सम्मानित

रांची : विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री अम्बरीष ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल ने हिंदू समाज के सांस्कृतिक जागरण और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन राष्ट्र एवं समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण सहित उनके अनेक संकल्प साकार हुए हैं। शेष संकल्पों को पूरा करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा।

वह रविवार को धुर्वा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सभागार में आयोजित स्व. अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह के प्रथम प्रांत स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत के तत्वावधान में आयोजित किया गया। श्रीराम दरबार और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा अशोक सिंघल के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ समारोह की शुरुआत हुई।

अम्बरीष ने कहा कि अशोक सिंघल ने इंजीनियरिंग की शिक्षा के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्र, समाज और भारतीय संस्कृति के लिए जीवन समर्पित किया। उन्होंने सामाजिक समरसता, गोरक्षा, गंगा संरक्षण, वेद शिक्षा तथा जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यों को गति दी।

उन्होंने सामाजिक विभेद कम करने और सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता जतायी। कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्स्थापना की दिशा में कार्य करना ही अशोक सिंघल के प्रति सार्थक श्रद्धांजलि होगी।

अशोक सिंघल का जीवन प्रेरणास्रोत : सच्चिदानंद लाल अग्रवाल

मुख्य अतिथि आरएसएस के झारखंड प्रांत संघचालक सच्चिदानंद लाल अग्रवाल ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने पर जोर

विशिष्ट अतिथि पद्मश्री महावीर नायक ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। संस्कारवान युवा ही राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

विहिप झारखंड प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने सामाजिक समरसता को मजबूत करने और जाति-वर्ग के भेद से ऊपर उठकर समाज को संगठित करने पर जोर दिया।

47 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम : मिथिलेश्वर मिश्र

विहिप प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया कि अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह का झारखंड में शुभारंभ 27 सितंबर से हुआ है। देशभर में अब तक 47 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। रांची में आयोजित समारोह झारखंड का पहला प्रांत स्तरीय कार्यक्रम है।

कारसेवकों को किया गया सम्मानित

समारोह में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कारसेवकों को सम्मानित किया गया। स्वामी श्रीकृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी सहित अन्य अतिथियों ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का समापन पूर्णता मंत्र एवं वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ।

मौके पर स्वामी केशव महाराज, वीरेंद्र बिमल, डॉ. वीरेंद्र साहू, गंगा प्रसाद यादव, मनोज पोद्दार, चितरंजन कुमार, रामस्वरूप रूंगटा, प्रो. यदुनाथ पांडेय, सुशील कुमार, अनिल ठाकुर, विजय घोष, अनिमा पांडेय, कीर्ति गौरव, कैलाश केसरी सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से विहिप के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन मिथिलेश्वर मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन चंद्रदीप दुबे ने किया।

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