Washington: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान और दक्षिण कोरिया के साथ व्यापारिक संबंधों में बड़ा बदलाव करते हुए ऐलान किया है कि 01 अगस्त 2025 से इन दोनों देशों से आयातित सभी वस्तुओं पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क (टैरिफ) लगाया जाएगा। यह फैसला ट्रंप प्रशासन की “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत लिया गया है, जिसके जरिए अमेरिका के बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने की कोशिश की जा रही है।
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व्हाइट हाउस से जारी बयान में बताया गया कि यह निर्णय जापान और दक्षिण कोरिया की “अनुचित व्यापार नीतियों” और अमेरिका के साथ उनके व्यापार घाटे को संतुलित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों को पत्र भेजकर सूचित किया कि यदि उन्होंने जवाबी टैरिफ लगाए, तो अमेरिका भी उसी अनुपात में टैरिफ को और बढ़ा देगा।
इस ऐलान के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में हलचल मच गई।
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डॉव जोन्स 447 अंक गिरा
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S&P 500 में 0.8%
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NASDAQ में 0.9% की गिरावट देखी गई
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ये टैरिफ सेक्टर-विशेष शुल्कों से अलग होंगे और “ट्रांसशिपमेंट” यानी किसी तीसरे देश के जरिए टैरिफ से बचने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
2024 के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका का जापान के साथ $68.5 अरब और दक्षिण कोरिया के साथ $66 अरब का व्यापार घाटा था। ट्रंप का कहना है कि यह घाटा उनके अनुचित व्यापारिक व्यवहार का सबूत है।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि दोनों देश टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को हटाते हैं, तो अमेरिका भी इस निर्णय पर पुनर्विचार कर सकता है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में ट्रंप ने कई देशों पर “रिसिप्रोकल टैरिफ” लागू किया था, जिसमें जापान पर 24% और कोरिया पर 25% शुल्क तय किया गया था। बाजार की अस्थिरता के कारण इन्हें अस्थायी रूप से 10% किया गया था, जो अब फिर से प्रभावी किए जा रहे हैं।



