Hyderabad : हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिंदू धर्म और देवी–देवताओं की परंपरा पर की गई उनकी टिप्पणी ने बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा और बीआरएस ने उनकी टिप्पणी को धार्मिक आस्था पर हमला बताया और मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
विवाद तब शुरू हुआ जब रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि “हिंदू धर्म में करीब तीन करोड़ भगवान हैं। अविवाहितों का अलग भगवान है, दो बार शादी करने वालों का अलग भगवान है, शराब पीने वालों के लिए भी एक भगवान है। मुर्गियों की बलि देने वालों के लिए अलग और दाल-चावल के लिए अलग भगवान हैं।”
विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री ने हिंदू मान्यताओं का उपहास किया और धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।
भाजपा नेता प्रवीण कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि राज्य का मुख्यमंत्री बोल रहा है। हिंदू समाज इस बयान से आहत है। कांग्रेस और रेवंत रेड्डी को शर्म आनी चाहिए और तुरंत माफी मांगनी चाहिए।”
बीआरएस नेताओं ने भी इसे हिंदू भावनाओं पर चोट बताते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को धार्मिक विषयों पर बयान देते समय संयम और संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।
उधर, कांग्रेस की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं भाजपा और बीआरएस ने साफ कर दिया है कि जब तक रेवंत रेड्डी स्पष्ट माफी नहीं मांगते, वे इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते रहेंगे।
विवाद बढ़ने के साथ यह मामला तेलंगाना की राजनीति में नया तनाव जोड़ रहा है और आगामी दिनों में इस पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।






