Ranchi : रांची के पिठोरिया पंचायत में स्मार्ट मीटर लगाने के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पंचायत भवन में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता पंचायत की मुखिया मुन्नी देवी ने की। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, पंचायत समिति सदस्य और वार्ड सदस्य शामिल हुए और सभी ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ एकमत से प्रस्ताव पारित किया।
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बैठक में पंचायत समिति सदस्य श्रवण गोप, उपमुखिया रामलगन महली, ग्राम प्रधान रामलगन मुंडा, वार्ड सदस्य गोपाल महतो, मोनी देवी, प्रसिद्ध बैठा और कैलाश नायक सहित कई जनप्रतिनिधियों ने यह साफ कर दिया कि जब तक ग्रामसभा की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक पंचायत क्षेत्र में एक भी स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने अपनी चिंताओं को साझा करते हुए बताया कि पिठोरिया एक कृषि प्रधान इलाका है, जहां की 90 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। ऐसे में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अनियंत्रित बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला बिना ग्रामसभा की अनुमति के अवैध माना जाएगा क्योंकि पिठोरिया पंचायत अभी भी रांची नगर निगम क्षेत्र में शामिल नहीं है।
बैठक के दौरान ग्रामीणों को सावधान किया गया कि कोई भी व्यक्ति स्मार्ट मीटर लगाने आई एजेंसियों को आधार कार्ड, बिजली कनेक्शन के कागजात या अन्य दस्तावेज तब तक न दे जब तक ग्रामसभा से कोई निर्देश न मिले।
ग्रामीणों ने “हमारी बिजली, हमारा अधिकार” और “ग्रामसभा की मंजूरी के बिना मीटर नहीं लगेगा” जैसे नारों के साथ विरोध को और तेज कर दिया है। उन्होंने खेत से पंचायत तक एकजुटता का संदेश दिया और यह भी कहा कि फैसला गांव का होगा, बाहर से थोपा नहीं जाएगा।
इस सामूहिक एकजुटता से यह स्पष्ट हो गया है कि पिठोरिया पंचायत के लोग बिना ग्रामसभा की सहमति के किसी भी सरकारी योजना को स्वीकार नहीं करेंगे, चाहे वह बिजली विभाग से ही क्यों न जुड़ी हो।






